चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने तटीय आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है. मंगलवार को जब चक्रवात तट को पार कर आगे बढ़ा, तो हजारों पेड़ उखड़ गए, सैकड़ों बिजली के खंभे गिर गए और मछुआरों की नावें तबाह हो गईं.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार मंगलवार की सुबह करीब एक बजे से गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु ने आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में ओंगोल के पास लैंडफॉल शुरू कर दी थी.
प्रकाशम में चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने पूरे जिले में जबरदस्त तबाही मचाई, इलाके में भारी बारिश हो रही है. ओंगोल में 'मुरासु' के कोथापटनम के पास तट से टकराने की वजह से क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश देखने को मिली और कई पेड़ उखड़ गए.
इस बीच, दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना भीषण चक्रवाती तूफान 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है. आज यानी 3 नवंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे यह आंध्र प्रदेश के उसी क्षेत्र में केंद्रित था. इसका केंद्र 15.7° उत्तरी अक्षांश और 80.2° पूर्वी देशांतर पर स्थित था.
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान ओंगोल से लगभग 30 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व, बापटला से 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम, कावली से 90 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व, विजयवाड़ा से 100 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपश्चिम और मछलीपट्टनम से 120 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में स्थित था.
इस बीच, NTR जिले के कलेक्टर लक्ष्मिशा ने बताया कि चक्रवात 'मुरासु' के कारण अब तक जिले में कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है. कलेक्टर ने कहा कि मोगलराजपुरम में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए, एहतियात के तौर पर कुछ परिवारों को राहत शिविरों में भेजा गया है. भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए, कलेक्टर ने लोगों से अपील की है कि वे घरों के अंदर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और बच्चों को भी घर के अंदर ही रखें.