ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ की पुण्य स्मृति में पीलीभीत में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की सांस्कृतिक एकता और आस्था की ताकत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि दुनिया में करीब 200 देश हैं और हर देश की अपनी पहचान, उपलब्धियां और समस्याएं हैं. कुछ देशों की आबादी हजारों में है, कुछ की लाखों में और कुछ की करोड़ों में. 50 करोड़ से अधिक आबादी वाले देश दुनिया में केवल दो हैं- चीन और भारत.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूरोप को भले ही एक इकाई के रूप में देखा जाता हो, लेकिन वह भी अलग-अलग देशों और राजनीतिक इकाइयों का समूह है. भारत ही ऐसा देश है, जो उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक एकता के सूत्र में बंधा हुआ है. इसके पीछे हमारी आस्था है और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है.
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि वह दो नवंबर को अयोध्या धाम में थे. इसी तारीख को वर्ष 1990 में राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं और कई रामभक्तों ने अपना बलिदान दिया था. उन्होंने कहा कि एक समय था, जब रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां चलती थीं, लेकिन आज अयोध्या में उन पर फूलों की वर्षा होती है और उनका अभिनंदन किया जाता है.
उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या में जय श्रीराम बोलने पर प्रतिबंध था और रामभक्तों के वहां आने पर रोक लगाई जाती थी. उस समय शहर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था. आने-जाने के पर्याप्त साधन नहीं थे, गलियां संकरी थीं और गंदगी के साथ अव्यवस्था का माहौल था.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से लंका से अयोध्या आए थे, लेकिन आधुनिक भारत में अयोध्या हवाई सेवा से नहीं जुड़ पाई थी. यहां रेलवे की सिंगल लाइन थी और सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी थीं. आज अयोध्या में हर दिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. पर्व और त्योहारों पर यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या में सुविधाओं का विस्तार हुआ है. शहर को चारों दिशाओं से चार लेन की सड़कों से जोड़ा गया है. रेलवे की सुविधाओं में सुधार हुआ है और अयोध्या को हवाई सेवा से भी जोड़ दिया गया है. यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण किया गया है. उन्होंने कहा कि एक समय लोग सोचते थे कि क्या भगवान रामलला कभी टेंट से बाहर आ पाएंगे, लेकिन आज अयोध्या में उनका भव्य मंदिर बन चुका है और लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या में लाखों दीपक जलाकर प्रभु श्रीराम के आगमन की स्मृति को जीवंत रखा जाता है. अयोध्या में जलने वाला एक-एक दीप उत्तर प्रदेश की समृद्धि और विकास का प्रतीक है. वहां का प्रकाश प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के विकास का संदेश देता है.
उन्होंने कहा कि मंदिर जाने का उद्देश्य केवल दर्शन करना नहीं, बल्कि अपने भीतर की नकारात्मकता को समाप्त करना और अपने आदर्शों को जीवन का हिस्सा बनाना भी है. भगवान श्रीराम के आदर्श हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं. जहां नकारात्मकता होती है, वहां अराजकता, अव्यवस्था, अशांति और असंतोष पैदा होता है. वहीं, सकारात्मकता के साथ श्रद्धा और आस्था का भाव हो तो विकास, समृद्धि और खुशहाली का रास्ता खुलता है.