लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 22 अगस्त को पुणे में थे. पुणे के एआईएसएसएमएस कॉलेज ग्राउंड में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में महिला को सिर्फ मां, पत्नी या बेटी की भूमिका तक सीमित करके नहीं देखने की बात कही थी. उन्होंने मनुस्मृति को कोट करते हुए कहा था कि इसमें उल्लेख है कि महिला को कभी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए. महिला बचपन में पिता के, युवावस्था में पति के और पति की मृत्यु के बाद बेटों के अधीन रहती है.
राहुल गांधी ने महिलाओं की स्वतंत्रता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया था. राहुल गांधी के इस बयान पर सियासी विवाद जारी है. केंद्र की सत्ता पर काबिज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की अगुवाई कर रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मोर्चा खोल रखा है. बीजेपी की ओर से अब पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तीखा हमला बोला है.
मुख्तार अब्बास नकवी ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा है कि हमेशा उनका डबल स्टैंडर्ड रहता है. बीजेपी की ओर से जारी किए हिजाब वाले वीडियो का उल्लेख करते हुए मुख्तार अब्बास नकवी ने तंज करते हुए कहा कि राहुल गांधी मुस्लिम महिलाओं पर तालिबानी ताला लगाने की बात करते हैं.
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उन्होंने कहा कि कभी हिजाब तो कभी मनुस्मृति, राहुल गांधी की राजनीति में विरोधाभास है. मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष के नेता पर तंज करते हुए कहा कि देश धार्मिक ग्रंथों से नहीं, संविधान से चलता है. राहुल गांधी पर धर्म देखकर महिलाओं की आजादी का पैमाना तय करने के बीजेपी के आरोप को लेकर उन्होंने कहा कि वह आधी अधूरी जानकारी के साथ बयान देते हैं.
मनुस्मृति पर राहुल के बयान के जवाब में बीजेपी ने हिजाब मुद्दा उठाया. कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह पार्टी ‘हिट एंड रन’ की राजनीति करती है. संवैधानिक व्यवस्था में सभी के अधिकार समान हैं. इसमें कोई धार्मिक आधार नहीं है.