हाल ही में फ्लाईदुबई में दो पायलटों के बीच हुई झड़प के बाद भारत सरकार हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गई है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है. इसी बीच MoCA देश के 8 एयरपोर्ट्स पर लगेंगे फुल बॉडी स्कैनर लगवाने की तैयारी कर रही है.
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक अत्याधुनिक और पुख्ता बनाने के लिए भारत के बड़े एयरपोर्ट्स पर फुल बॉडी स्कैनर लगाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. देश के चुनिंदा 8 एयरपोर्ट्स पर इन एडवांस मशीनों को लगवाया जाएगा.
8 में से तीन एयरपोर्ट्स पर एक्स्ट्रा एडवां, मशीनें पहुंच चुकी हैं, जबकि बाकी पांच एयरपोर्ट्स पर भी इन्हें बहुत जल्द इंस्टॉल कर दिया जाएगा.
फिलहाल इन उपकरणों से जुड़ा डेटा जमा किया जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियां उसका बारीकी से विश्लेषण कर रही हैं, ताकि स्कैनिंग प्रक्रिया को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाया जा सके.
निजता की चिंताओं पर सरकार का सफाई
यात्रियों की प्राइवेसी को लेकर उठने वाली चिंताओं पर मंत्रालय ने साफ किया है कि ये नए फुल बॉडी स्कैनर पूरी तरह से 'पिक्चर एग्नोस्टिक' होंगे. इसका मतलब ये है कि स्कैनिंग के दौरान किसी भी व्यक्ति की रियल फोटो या शरीर की निजी विशेषताएं बाहर नहीं आएंगी. स्कैनर के जरिए सिर्फ शरीर का एक सामान्य 3D मॉडल दिखाई देगा, जिससे किसी की व्यक्तिगत पहचान उजागर होने का कोई खतरा नहीं रहेगा.
कैसे काम करेगी एडवांस मशीनें
स्क्रीन पर सिर्फ शरीर पर बाहर से पहनी गई या छुपाई गई संदिग्ध वस्तुओं की इमेज ही नजर आएगी. इसके अलावा, भारतीयों के पहनावे और आमतौर पर पहने जाने वाले कपड़ों को ध्यान में रखते हुए स्पेशल एल्गोरिदम तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें इन मशीनों में अपलोड किया जा रहा है ताकि जांच प्रक्रिया में किसी तरह की असुविधा न हो और सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों की प्राइवेसी की भी पूरी रक्षा की जा सके.
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फ्लाईदुबई मामले को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा ने बताया कि सरकार मौजूदा हालात की समीक्षा कर रही है और अगर किसी भी तरह की नई एडवाइजरी की जरूरत पड़ी, तो इस बारे में उच्चाधिकारियों को तुरंत बताया जाएगा ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें.