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लखनऊ, जयपुर, मुजफ्फरपुर... LGP शॉर्टेज के बीच रेल यात्रियों की थाली पर संकट!

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से देश में गहराते एलपीजी संकट का असर अब रेलवे की रसोई तक पहुंच गया है. IRCTC ने स्टेशनों पर मौजूद किचन में गैस के बजाय इंडक्शन और माइक्रोवेव ओवन का उपयोग करने का निर्देश दिया है.

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रेलवे यात्रियों की थाली पर पड़ेगा एलपीजी शॉर्टेज का असर (Photo: ITG)
रेलवे यात्रियों की थाली पर पड़ेगा एलपीजी शॉर्टेज का असर (Photo: ITG)

इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से भारत में एलपीजी का संकट पैदा हो गया है. गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारों के बीच IRCTC ने रेलवे स्टेशनों पर ऑपरेट होने वाले किचन और फूड प्लाजा के लिए नए निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों के मुताबिक, अब यात्रियों के लिए भोजन एलपीजी के बजाय माइक्रोवेव और इंडक्शन चूल्हे पर पकाया जाएगा. 

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर हुए रियलिटी चेक में यह बात सामने आई है कि फिलहाल पुराने गैस स्टॉक से काम चल रहा है. आईआरसीटीसी के इस फरमान से फूड प्लाजा संचालकों में भारी चिंता है. 

फूड प्लाजा संचालकों का कहना है कि यात्रियों की भारी तादाद को देखते हुए सिर्फ बिजली के उपकरणों से भोजन की आपूर्ति करना मुमकिन नहीं होगा.

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रियलिटी चेक में क्या मिला?

दिल्ली-हावड़ा रेल रूट के सबसे बिज़ी स्टेशनों में से एक शामिल पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन पर आईआरसीटीसी के फूड प्लाजा में एलपीजी सिलेंडर से ही खाना पक रहा है. फूड प्लाजा के मैनेजर संदीप यादव ने बताया कि दो दिन पहले ही उन्हें खाना पकाने के सिस्टम में बदलाव का निर्देश मिला है. फिलहाल पुराने स्टॉक के कारण काम चल रहा है, लेकिन एक-दो दिन में यह स्टॉक खत्म हो जाएगा. कंपनी ने नए उपकरणों का ऑर्डर दे दिया है.

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इंडक्शन और ओवन से सप्लाई में आएगी मुश्किल

मैनेजर संदीप यादव ने चिंता जताई है कि डीडीयू जैसे बड़े स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा रहती है. इतनी बड़ी तादात में लोगों के लिए माइक्रोवेव ओवन और इंडक्शन चूल्हे पर खाना पकाकर समय पर आपूर्ति कर पाना मुमकिन नहीं होगा. संचालकों का कहना है कि वे नियम का पालन तो करेंगे, लेकिन इसकी सफलता पर संदेह है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि भोजन की सुचारू व्यवस्था के लिए आवश्यकतानुसार गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.

यह भी पढ़ें: रेलवे स्टेशनों पर गैस की किल्लत, IRCTC का कैटरिंग और स्टॉल संचालकों को निर्देश, इंडक्शन-माइक्रोवेव का करें इस्तेमाल

कैसे होगी यात्रियों के भोजन की व्यवस्था?

बड़ा सवाल यह है कि आईआरसीटीसी के किचन और फूड प्लाजा से हर रोज हजारों रेल यात्रियों को भोजन और नाश्ता सप्लाई किया जाता है. गैस की तुलना में इंडक्शन और ओवन पर खाना बनने में वक्त और क्षमता की सीमाएं होती हैं. संचालकों के मुताबिक, अगर गैस का संकट बना रहा तो यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. फिलहाल रेलवे प्रशासन इस वैकल्पिक व्यवस्था को लागू करने पर अडिग है.

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यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत में एलपीजी सप्लाई पर सरकार का भरोसा, घरेलू गैस उपलब्ध, घबराने की जरूरत नहीं

चारबाग रेलवे स्टेशन पर क्या हालात?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चारबाग रेलवे स्टेशन स्थित आईआरसीटीसी के रेस्टोरेंट में खाना बनाने के लिए इंडक्शन और कमर्शियल गैस सिलेंडर दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है. रेस्टोरेंट के फ्रंट एरिया में इंडक्शन पर चाय और अन्य लिक्विड चीजें जैसे पानी गर्म किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को तुरंत सेवा दी जा सके. हालांकि, पूरे किचन को सिर्फ इंडक्शन पर चलाना फिलहाल संभव नहीं माना जा रहा है.

रेस्टोरेंट मैनेजर अभिषेक त्रिपाठी ने बताया, "यहां इंडक्शन और गैस दोनों माध्यमों से काम किया जाता है. किचन में करीब 1.5 टन क्षमता की व्यवस्था है और करीब आठ कमर्शियल सिलेंडर मौजूद रहते हैं. उन्होंने बताया कि रोजाना करीब 1000 यात्री यहां भोजन करते हैं और फिलहाल गैस की उपलब्धता में किसी तरह की दिक्कत नहीं है."

एक महिला यात्री ने कहा कि इंडक्शन से कुछ समय के लिए व्यवस्था तो की जा सकती है, लेकिन लंबे वक्त तक इसके सहारे रेस्टोरेंट चलाना मुश्किल होगा. उनके मुताबिक गैस पर खाना बनाना ज्यादा सुविधाजनक और प्रभावी है. वहीं, यात्री फिरोज खान कहते हैं, "इंडक्शन पर पूरी व्यवस्था कैसे चलेगी, यह समय बताएगा, लेकिन फिलहाल गैस पर खाना बनाना ज्यादा व्यवस्थित और आसान लगता है."

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जयपुर में आज बंद हो जाएंगे IRCTC के किचन!

जयपुर रेलवे स्टेशन पर IRCTC के किचन में गैस सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से खाने की सप्लाई एक तिहाई तिहाई रह गई है और वो भी आज शाम से बंद हो जाएगा. रेलवे मंत्रालय ने IRCTC को इंडक्शन चूल्हे और माइक्रोवेब के इस्तेमाल की बात कही है, जिसे IRCTC के मैनेजर ख़ारिज कर रहे हैं. मैनेजर्स का कहना है कि  इतनी बड़ी तादाद में माइक्रोवेव और इंडक्शन चूल्हे पर खाना नहीं बनाया जा सकता है. इसके लिए कैंटीन के चयन में कभी कोई व्यवस्था भी नहीं है. 

मैनेजर्स का कहना है कि यात्रियों को हम ऐसे नहीं छोड़ सकते हैं. रेलवे मंत्रालय को IRCTC कैंटीन को आपात सेवाएं मानते हुए यहां पर गैस सिलेंडर सप्लाई की व्यवस्था करनी चाहिए.

मुजफ्फरपुर: निर्देश के बाद भी नहीं आया इंडक्शन

आज तक की टीम जब मुजफ्फरपुर जंक्शन परिसर में चल रहे कंटीन में पहुंची तो वहां अब भी गैस सिलेंडर से ही खाना बनता दिखा. कंटीन संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडर की भारी किल्लत हो रही है. हालत यह हैं कि आज कंटीन को चालू रखने के लिए 5 किलो वाला छोटा सिलेंडर लाकर किसी तरह काम चलाना पड़ा. 

वहीं, रेलवे के निर्देश के बावजूद अब तक कंटीन में इंडक्शन चूल्हा उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कंटीन मैनेजर मनोज कुमार ने बताया, "सिलेंडर की काफी दिक्कत हो रही है. कल दिन में ही स्टोर गिराना पड़ गया था. आज स्थानीय स्तर पर 5 किलो का छोटा सिलेंडर लाकर काम चलाया गया है. अभी तक IRCTC की ओर से इंडक्शन चूल्हा उपलब्ध नहीं कराया गया है."

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