दिल्ली में यमुना नदी की सफाई को लेकर सियासत के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी को तैराकी की चुनौती दी है. मनोज तिवारी ने भी इस चुनौती को स्वीकार कर लिया है. यह मामला तब चर्चा में आया, जब एक दिन पहले ही तिवारी ने यमुना में डुबकी लगाई थी और दावा किया था कि पिछले एक साल में नदी का प्रदूषण आधा हो गया है.
किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर हिंदी में पोस्ट करते हुए लिखा, "मनोज जी, क्या आपको नहीं लगता कि यमुना जी के काफी बेहतर हो चुके पानी में हम दोनों के बीच एक तैराकी प्रतियोगिता हो सकती है?"
उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने इस माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर जवाब देते हुए चुनौती स्वीकार कर ली.
रिजिजू ने कहा, "धन्यवाद किरेन भाई... हम ऐसा जरूर करेंगे. वैसे भी, तैराकी में आपको हराना आसान नहीं है... लेकिन दिल्ली की नई और साफ यमुना में आपके खिलाफ तैराकी में जीतने की कोशिश करना बहुत शानदार रहेगा. चलिए, तारीख तय करते हैं."
मनोज जी, क्या आपको नहीं लगता कि यमुना जी के काफी बेहतर पानी में हम दोनों के बीच तैराकी की प्रतियोगिता हो सकती है?
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) October 30, 2026
यमुना में डुबकी लगाकर मनोज तिवारी ने किया था ये दावा
गुरुवार को तिवारी ने सोनिया विहार के पास नदी में डुबकी लगाई और यह भी दावा किया कि उन्होंने नदी का पानी पिया. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में यमुना का प्रदूषण आधा हो गया है, जिसका श्रेय उन्होंने सरकार द्वारा की गई सफाई को दिया. उन्होंने यह भी कहा कि लोग अब फिर से इस नदी में छठ पूजा मना सकते हैं.
यमुना की सफाई के लिए 8,941 करोड़ का प्रोजेक्ट
कुछ दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना की सफाई के लिए 8,941 करोड़ रुपये की लागत वाली 43 परियोजनाओं की शुरुआत की थी और मई 2029 तक दिल्ली में यमुना के हिस्से को पूरी तरह साफ करने का वादा किया था.
AAP ने दावे को खारिज किया, दी पानी पीने की चुनौती
विपक्षी पार्टी AAP ने मनोज तिवारी के दावों को खारिज कर दिया. दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पल्ला और वजीराबाद के बीच का 26 किलोमीटर का हिस्सा "हमेशा से ही काफी साफ रहा है" और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की रिपोर्टों के अनुसार भी, 'आप' सरकार के दौरान यह हिस्सा और भी साफ था.
भारद्वाज ने तिवारी और दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा को ओखला बैराज के पास कालिंदी कुंज घाट पर आकर पानी पीने की चुनौती दी. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साल भी वे लोग "चुनौती से भाग गए थे."
यमुना नदी दिल्ली से होकर लगभग 52 किमी तक बहती है और आगे की ओर बढ़ने पर यह और अधिक प्रदूषित होती जाती है. वजीराबाद और ओखला के बीच का 22 किमी का हिस्सा सबसे ज़्यादा प्रदूषित माना जाता है और यह कई नीतिगत प्रयासों का मुख्य केंद्र है.
जल मंत्री बोले- पूरी सफाई में लगेंगे ढाई से तीन साल
इससे पहले वर्मा ने कहा था कि नदी को पूरी तरह से साफ होने में लगभग ढाई से तीन साल लगेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि "हमने कभी ऐसा दावा नहीं किया है कि यमुना पूरी तरह से साफ हो गई है".
मंत्री ने बताया था कि पल्ला और वजीराबाद के बीच का ऊपरी हिस्सा साफ कर दिया गया है, जबकि वजीराबाद और कालिंदी कुंज के बीच काम चल रहा है.