केरल के विधायकों के लिए अच्छी खबर है. राज्य में विधायकों और मंत्रियों की सैलरी और भत्ते बढ़ाने की तैयारी चल रही है. विधायकों की मौजूदा सैलरी और भत्ते 70 हजार रुपये हैं. इन्हें बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का प्रस्ताव है. यानी कुल रकम में करीब 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके साथ ही विधायकों, मंत्रियों और उनके निजी स्टाफ के लिए 480 आईपैड खरीदने को लेकर टेंडर भी जारी किया गया है. हालांकि, सैलरी बढ़ाने के प्रस्ताव पर अंतिम फैसला अभी बाकी है.
विधायकों की सैलरी 1 लाख रुपये करने का प्रस्ताव
केरल के संसदीय कार्य मंत्री सनी जोसेफ ने विधानसभा में बताया कि विधायकों की सैलरी और भत्ते बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण विधायकों के रोजमर्रा के खर्च बढ़ गए हैं. पेट्रोल और दूसरे जरूरी खर्चों में भी इजाफा हुआ है. ऐसे में सैलरी और भत्तों में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है.
मंत्री का कहना है कि, इस मुद्दे पर बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) में चर्चा हुई है. विपक्ष के नेता पीके कुनहलिकुट्टी और दूसरे दलों के नेताओं के साथ भी बातचीत की गई है. अब इस मामले में अंतिम फैसला लेने की तैयारी है.
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दरअसल, केरल में विधायकों के साथ मंत्रियों की सैलरी और भत्ते बढ़ाने का प्रस्ताव भी है. मौजूदा व्यवस्था में मंत्रियों को सैलरी और भत्तों के रूप में करीब एक लाख रुपये मिलते हैं. प्रस्ताव के मुताबिक, इसे बढ़ाकर करीब 1.25 लाख रुपये किया जा सकता है.
विधायकों और मंत्रियों की सैलरी बढ़ाने से जुड़ी सिफारिशें सीएन रामचंद्रन नायर समिति ने पहले ही दी थीं. उसकी रिपोर्ट पिछले तीन से चार साल से राज्य सरकार के पास लंबित है. अब सरकार इस पर फैसला लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
480 आईपैड खरीदने के लिए टेंडर जारी
सैलरी बढ़ाने के प्रस्ताव के बीच केरल सरकार ने 480 आईपैड खरीदने के लिए टेंडर भी जारी किया है. ये आईपैड विधायकों, मंत्रियों और उनके निजी स्टाफ के लिए खरीदे जाने की बात कही गई है. हालांकि, टेंडर जारी होने का मतलब यह नहीं है कि सभी आईपैड बांट दिए गए हैं. खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़नी बाकी है.
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दरअसल, विधानसभा का सत्र गुरुवार तक चलना है. प्रस्ताव को इसी सत्र में आगे बढ़ाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी. मंजूरी मिलने के बाद इसे राज्यपाल के पास भेजने और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय को जानकारी देने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद ही प्रस्ताव को सदन में पेश किया जा सकेगा.
फिलहाल सैलरी बढ़ाने पर अंतिम फैसला कैबिनेट की बैठक के बाद ही साफ होगा. यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब मुख्यमंत्री राज्य की आर्थिक चुनौतियों का जिक्र कर चुके हैं. ऐसे में सैलरी और भत्तों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर चर्चा भी अहम हो गई है.