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काशी आर्ट कैफे, जिन्ना और बीफ... केरलम में व्लॉगर के वीडियो से भड़की UDF सरकार, दर्ज की FIR

केरलम के 'काशी आर्ट कैफे' का एक वीडियो विवाद की वजह बन गया है. पुलिस ने व्लॉगर के खिलाफ FIR दर्ज की है. इस मामले पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी सवाल उठाए हैं.

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केरलम में व्लॉगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज. (Photo: Instagram@littichokha_up)
केरलम में व्लॉगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज. (Photo: Instagram@littichokha_up)

केरलम के फोर्ट कोच्चि स्थित 'काशी आर्ट कैफे' को लेकर विवाद बढ़ गया है. कैफे के बारे में एक व्लॉगर का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की है. मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने वीडियो की आलोचना की, जबकि बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने CM पर 'चुनिंदा धर्मनिरपेक्षता' अपनाने का आरोप लगाया.

वीडियो शेयर करने वाले व्लॉगर अमृत सिंह डैरेन ने दावा किया कि कैफे में बीफ परोसा जाता है. उसने महात्मा गांधी के साथ पाकिस्तान के मुहम्मद अली जिन्ना की मूर्ति होने की बात भी कही. उसने कैफे के आसपास मुस्लिम आबादी अधिक होने का दावा करते हुए इलाके को लेकर भी टिप्पणी की. फोर्ट कोच्चि पुलिस ने एक स्थानीय निवासी की शिकायत पर व्लॉगर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) और 192 के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, वीडियो में की गई कथित टिप्पणियों से दो धार्मिक समुदायों के बीच तनाव पैदा होने की आशंका थी.

आखिर यह विवाद शुरू कैसे हुआ और राजनीति में क्यों पहुंच गया, पूरा मामला समझिए.

वीडियो में क्या था, जिस पर विवाद हुआ?

अमृत सिंह डैरेन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया था. इसमें उसने काशी आर्ट कैफे के नाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिंदुओं के पवित्र शहर काशी के नाम वाले इस कैफे में बीफ परोसा जाता है. उसने वहां महात्मा गांधी के साथ जिन्ना की चांदी की मूर्ति होने का दावा भी किया. हालांकि, गांधी और जिन्ना को साथ दिखाने वाली कलाकृति कई साल पहले कलाकार रियास कोमू ने बनाई थी. इसमें दोनों नेताओं के इतिहास, विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष और देश के बंटवारे से जुड़ी बातों को दिखाया गया है.

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वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पर प्रतिक्रियाएं दीं. कई लोगों ने व्लॉगर की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई. इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया.

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने वीडियो की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के बाहर के एक व्लॉगर ने गलत जानकारी फैलाकर केरलम की छवि खराब करने और समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश की. इस पर  उन्होंने कहा कि मामले में केस दर्ज हो गया है और कानून अपना काम करेगा. उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी जताई. विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने भी वीडियो में की गई कथित सांप्रदायिक टिप्पणियों की आलोचना की.

वहीं, केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने भी कहा कि राज्य को सांप्रदायिक नफरत का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब लोगों के बीच धार्मिक दुश्मनी फैलाने की छूट नहीं है.

बीजेपी अध्यक्ष ने CM पर क्यों उठाए सवाल?

बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री की सांप्रदायिक सौहार्द वाली बात पर सहमति जताई, लेकिन उनके रवैये पर सवाल उठाए. उन्होंने इसे 'चुनिंदा धर्मनिरपेक्षता' बताया. उनका कहना है कि सभी धर्मों की भावनाओं का सम्मान बराबर होना चाहिए. इस पर उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी मुस्लिम पवित्र शहर के नाम पर रेस्टोरेंट खोला जाए और वहां पोर्क यानी सूअर का मांस परोसा जाए, तो मुख्यमंत्री का क्या रुख होगा. उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान राजनीतिक सुविधा के हिसाब से तय नहीं होना चाहिए.

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चंद्रशेखर ने कांग्रेस और सीपीआई (एम) पर भी सवाल उठाए. चंद्रशेखर ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और जमात-ए-इस्लामी से जुड़े राजनीतिक मुद्दों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में धर्मनिरपेक्षता को लेकर दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है. इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री से हिंदू, ईसाई और मुस्लिम समुदायों की भावनाओं का समान रूप से सम्मान करने की अपील की. इस तरह एक कैफे से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ केरलम की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है.
 

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