scorecardresearch
 

'आप सिलेक्टिव क्यों हैं?', राहुल गांधी पर जेपी नड्डा का पलटवार, बोले- छात्रों के मुद्दे पर सेंक रहे राजनीतिक रोटियां

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह समय इस बात पर बहस करने का नहीं है कि कौन सी सरकार जिम्मेदार है और कौन सी नहीं. उन्होंने कहा कि इस दौरान कई अहम सवालों के जवाब तलाशने होंगे. यह पता लगाने की जरूरत है कि पेपर लीक के पीछे कौन से कारण हैं, इसमें कौन लोग शामिल हैं और पेपर लीक को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं.

Advertisement
X
जेपी नड्डा ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है. (Photo- PTI)
जेपी नड्डा ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है. (Photo- PTI)

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ लेने और सिलेक्टिव राजनीति करने का आरोप लगाया. नड्डा ने स्पष्ट किया कि केंद्र की मोदी सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह गंभीर है और संसद में कितनी भी लंबी चर्चा कराने के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा, 'मैं विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से पूछना चाहता हूं कि आप चयनात्मक क्यों हैं? आपने यूपीए और यूपीए समर्थित सरकारों यानी INDIA गठबंधन की सरकारों के दौरान हुए पेपर लीक के मामलों की चर्चा क्यों नहीं की?' जेपी नड्डा ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं का जिक्र किया.

नड्डा ने कहा कि उन्होंने सरसरी तौर पर कुछ मामलों को नोट किया है और उन पर चर्चा करना चाहते हैं. उन्होंने जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड की परीक्षा में पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है.

उन्होंने कहा कि इसी तरह हिमाचल प्रदेश में स्कूल एजुकेशन बोर्ड की परीक्षा में पेपर लीक हुआ, जहां कांग्रेस की सरकार है. झारखंड में हिंदी और साइंस के पेपर लीक होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार है.

Advertisement

नड्डा ने तेलंगाना में इंटरमीडिएट के भाषा विषय और एसएससी भाषा परीक्षा के पेपर लीक होने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस की सरकार है और सीपीआई का समर्थन प्राप्त है. तमिलनाडु में तमिलनाडु टीचर्स एजुकेशन यूनिवर्सिटी बोर्ड से जुड़े बीएड कोर्स के पेपर लीक हुआ. उस समय वहां विपक्ष की सरकार थी.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पश्चिम बंगाल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक का भी उल्लेख किया और कहा कि उस समय वहां टीएमसी की सरकार थी. उन्होंने पंजाब में पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन बोर्ड की ग्रुप बी परीक्षा में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं का जिक्र किया.

उन्होंने केरल में राज्य लोक सेवा आयोग की 26वीं परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगाया. इसके अलावा कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के दौरान भर्ती परीक्षा के पेपर लीक का भी जिक्र किया. नड्डा ने कहा कि उन्होंने अभी कुछ ही नाम गिनाए हैं और इसकी सूची काफी लंबी है.

'राहुल गांधी सिलेक्टिव क्यों हैं?'

इन मामलों का जिक्र करते हुए नड्डा ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा, 'मैं पूछना चाहूंगा विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी से कि आप सिलेक्टिव क्यों हैं? आपने यूपीए और यूपीए समर्थित सरकारों, जिसे हम इंडी गठबंधन कहते हैं, उनकी सरकारों के बारे में क्यों चर्चा नहीं की? क्यों आपने अपने आपको उससे अलग रखा?'

Advertisement

नड्डा ने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी का उद्देश्य छात्रों का हित नहीं है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और छात्रों को न्याय दिलाने में रुचि नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया, 'आप छात्रों के विषयों और उनकी मांगों को लेकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं, राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है.'

'यह समय सरकारों को बांटने का नहीं'

केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान यह भी कहा कि यह समय इस बात पर बहस करने का नहीं है कि कौन सी सरकार जिम्मेदार है और कौन सी नहीं. उन्होंने कहा कि पेपर लीक एक गंभीर समस्या है और इसका समाधान मिलकर निकालना होगा. उन्होंने कहा, 'यह समय यह नहीं है कि हम हमारी सरकारें, आपकी सरकारें, तुम्हारी सरकारें, इस तरीके से हम इन चीजों को विभाजित करें. ये गंभीर मसला है.'

उन्होंने कहा कि उन्होंने जिन मामलों का जिक्र किया है, उनमें कई ऐसे मामले हैं जहां यूपीए या इंडी गठबंधन से जुड़ी सरकारें सत्ता में थीं, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर इस समस्या पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, 'चर्चा करने का जो सबसे अच्छा माध्यम है, वो है सदन, वो है पार्लियामेंट और हम चर्चा के लिए तैयार हैं. गहन चर्चा हो, गहन चर्चा के माध्यम से हम इसकी बारीकियों में जाएं.'

Advertisement

नड्डा ने कहा कि इस दौरान कई अहम सवालों के जवाब तलाशने होंगे. यह पता लगाने की जरूरत है कि पेपर लीक के पीछे कौन से कारण हैं, इसमें कौन लोग शामिल हैं और पेपर लीक को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं.

'विपक्ष जितने घंटे चर्चा चाहता है, सरकार तैयार'

राज्यसभा में सदन के नेता के तौर पर अपनी भूमिका का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि उन्होंने हमेशा इस बात को माना है कि विपक्ष जितने घंटे चर्चा के लिए तय करेगा, सरकार उतने समय तक चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, 'विपक्ष जितने घंटे तय करे, हम चर्चा के लिए तैयार हैं. सरकार चर्चा के लिए तैयार है. विपक्ष को इस बात को ध्यान में लेकर गोल पोस्ट नहीं चेंज करना चाहिए.'

उन्होंने कहा कि सरकार आरोप-प्रत्यारोप नहीं करना चाहती, बल्कि समस्या का समाधान चाहती है. संसद ऐसा मंच है, जहां इस मुद्दे पर गहराई से विचार किया जा सकता है. अवधि विपक्ष तय कर सकता है. चाहे 12 घंटे चर्चा हो या 18 घंटे, सरकार हर पहलू पर चर्चा के लिए तैयार है.

जेपी नड्डा ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है. बच्चे किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य हैं. उन्होंने कहा, 'क्योंकि बच्चे कोई हमारे हैं, आपके हैं, वो देश का भविष्य हैं और देश के भविष्य की चिंता करना हमारी जिम्मेदारी है. और हमारी जिम्मेदारी में सरकार के साथ-साथ विपक्ष की जिम्मेदारी भी है.'

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement