विदेश मंत्री एस जयशंकर इस समय फिलीपींस की राजधानी मनीला के दो दिवसीय दौरे पर हैं. वो यहां क्वाड ग्रुप की बैठक के साथ-साथ ASEAN ब्लॉक के ढांचे के तहत आयोजित अलग-अलग चर्चाओं में हिस्सा ले रहे हैं. इस बीच उन्होंने दुनिया के मौजूदा हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया इस समय 'बेहद उथल-पुथल' के दौर से गुजर रही है.
जयशंकर ने कहा कि आज ये बात पूरी तरह साफ हो चुकी है कि कोई भी अकेला देश या कोई एक ग्रुप अकेले इन संकटों से नहीं निपट सकता. इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने भारत और ASEAN के बीच और गहरे सहयोग की जरूरत पर जोर दिया.
बुधवार को 'भारत-आसियान पोस्ट-मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस 2026' में अपने संबोधन के दौरान विदेश मंत्री ने कहा, 'नेविगेटिंग अवर फ्यूचर टुगेदर विषय आज की उस भावना को दिखाता है, जिसे हममें से कई लोग महसूस कर रहे हैं. '
जयशंकर ने आगे कहा, 'दुनिया इस समय बेहद उथल-पुथल से गुजर रही है और ये बात लगातार साफ होती जा रही है कि कोई भी एक देश या यहां तक कि कोई एक समूह अकेले इस स्थिति का मुकाबला नहीं कर सकता.'
फिलीपींस की भूमिका की तारीफ
अपने संबोधन के दौरान जयशंकर ने भारत और ASEAN के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने में फिलीपींस के योगदान का भी जिक्र किया. उन्होंने देश समन्वयक के तौर पर फिलीपींस की ओर से निभाए जा रहे पॉजीटिव रोल की तारीफ की.
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विदेश मंत्री का ये बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल-ईस्ट जंग के बीच ग्लोबल लेवल पर आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में भारत और ASEAN देशों का एक साथ आना न सिर्फ इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता के लिए जरूरी है, बल्कि ग्लोबल पीस और डेवलपमेंट के नजरिए से भी बेहद अहम माना जा रहा है.