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जंतर-मंतर से कैसे हटाए गए सोनम वांचुक, जानिए दिल्ली पुलिस के एक्शन की इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश, सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उन्हें जंतर-मंतर से सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि वांगचुक को जरूरी मेडिकल सहायता के लिए अस्पताल ले जाया गया है और फिलहाल वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं.

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सोनम वांगचुक के इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में दो डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम तैनात की गई है. File Photo ITG
सोनम वांगचुक के इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में दो डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम तैनात की गई है. File Photo ITG

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल ले जाने के लिए दिल्ली पुलिस ने सुनियोजित अभियान चलाया. दिल्ली पुलिस के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई की रणनीति नए पुलिस आयुक्त के कार्यभार संभालने के बाद हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में तैयार की गई थी.

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कार्रवाई के लिए सुबह का समय इसलिए चुना क्योंकि उस वक्त प्रदर्शनकारियों की संख्या सबसे कम थी. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि वांगचुक के करीबी सहयोगी अभिजीत दिपके उस समय प्रदर्शन स्थल पर मौजूद न हों. बताया गया कि जब अभिजीत कुछ समय के लिए बाहर गए, तभी कार्रवाई शुरू की गई.

करीब 30 से 35 पुलिसकर्मी, जिनमें नई दिल्ली जिले की स्पेशल स्टाफ और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल थे, सादे कपड़ों में प्रदर्शन स्थल के भीतर पहुंचे. वहां पहुंचकर पुलिस ने पहले सोनम वांगचुक के बिस्तर को चारों ओर से बड़ी सफेद चादरों से ढक दिया और फिर उन्हें मंच से हटाकर बाहर लाया गया.

सूत्रों के मुताबिक, पूरे अभियान को तीन चरणों में अंजाम दिया गया. पहले चरण में सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने मंच को अपने नियंत्रण में लेकर वांगचुक को वहां से हटाया. दूसरे चरण में सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने बैरिकेडिंग के बाहर मौजूद प्रदर्शनकारियों को रोके रखा, ताकि किसी तरह की झड़प न हो. तीसरे चरण में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एंबुलेंस और पुलिस वाहनों के पास बनाए गए कंट्रोल प्वाइंट से पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे.

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जैसे ही सोनम वांगचुक को एंबुलेंस में बैठाया गया, ट्रैफिक पुलिस ने उनके लिए पूरा रास्ता खाली कराया, जिससे एंबुलेंस बिना किसी रुकावट के सीधे सफदरजंग अस्पताल पहुंच गई.

कार्रवाई पूरी होने के कुछ देर बाद अभिजीत दिपके प्रदर्शन स्थल पर लौटे. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गैरमौजूदगी में सोनम वांगचुक को वहां से हटाया गया. उन्होंने यह भी कहा कि अब वह खुद अनशन पर बैठेंगे. हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से और अधिकतम संयम के साथ की गई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से भी अपील की है कि वे जंतर-मंतर का प्रदर्शन स्थल शांतिपूर्वक खाली कर दें.

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे अभियान की जानकारी केवल वरिष्ठ अधिकारियों तक सीमित थी. इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को पहले से पूरी योजना नहीं बताई गई थी. उन्हें केवल तय समय पर मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे.

इधर, सूत्रों के मुताबिक, सोनम वांगचुक के इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में दो डॉक्टर और दो पैरामेडिकल कर्मियों की विशेष टीम तैनात की गई है. इससे पहले शनिवार सुबह राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीम ने जंतर-मंतर पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया था. जांच के दौरान डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, जिसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया.

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