गुजरात से राजनीतिक चंदे को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, एक गुमनाम सी पार्टी सत्यवादी रक्षक पार्टी को साल 2023-24 में 330 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा मिला. ज्यादा हैरानी वाली बात तो ये है कि इस पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सिर्फ एक उम्मीदवार उतारा था.
मामले में तफ्तीश के लिए जब आज तक की टीम इस पार्टी की अध्यक्ष स्वातीबेन के घर पहुंची तो स्वातीबेन ने कैमरे पर कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उनका कहना है कि यह पार्टी बंद हो चुकी है और अगर चंदा आया तो उसका दान किया गया होगा.
देश की पुरानी और चर्चित राष्ट्रीय पार्टियां एक-एक सीट पर चुनाव प्रचार के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाती है लेकिन गुजरात की इस सत्यवादी रक्षक पार्टी ने बिना किसी आंदोलन, बिना किसी प्रचार, बिना किसी भाषण, रैली के 330 करोड़ रुपये जुटा लिए. खास बात तो ये है कि 330 करोड़ का चंदा पाने वाली पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में सिर्फ एक उम्मीदवार उतारा. बता दें, इस पार्टी को वित्त वर्ष 2022-23 में भी 85 करोड़ 67 हजार का चंदा मिला था.

जब आज तक की टीम आधिकारिक पते पर पहुंची तो वहां ताला लगा हुआ था. उसके बाद जब आज तक की टीम पार्टी की अध्यक्ष स्वातीबेन के घर पहुंची तो उन्होंने बताया कि वे बस नाम मात्र की अध्यक्ष हैं. स्वातीबेन का कहना है कि पार्टी 2024-25 में बंद कर दी गई है. उनका कहना है कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. स्वातीबेन के मुताबिक इस पार्टी से बहुत सारे लोग जुड़े हुए थे. 330 करोड़ के चंदे को लेकर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा, "इसमें अब क्या है मुझे नहीं पता. जो चंदा आया वो हमने किसी को दान दिया होगा. हम पैसा खा थोड़ी गए हैं."
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इस मामले में पार्टी की अध्यक्ष स्वातीबेन ने तो पल्ला झाड़ने की कोशिश की है. हालांकि, यह पैसा कहां से आया और कहां इसका इस्तेमाल किया गया, यह जांच एजेंसियों की जांच का समय है.