गोवा में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में फंसे 97 वोटरों का मामला निपट चुका है. निर्वाचन आयोग ने तार्किक विसंगतियां दूर कर सत्यापित 88 वोटरों के नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिए हैं. आयोग के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कुल 97 लोगों को तार्किक विसंगति का नोटिस भेजा गया था.
शिकायत आई कि उनमें से कई का वैध वोटर के रूप में सत्यापन होने के बावजूद नाम जुड़ नहीं पा रहा है. इसके बाद BLO और ERO हरकत में आए.
कुल 97 लोगों में से 88 का सत्यापन होकर नाम जुड़ गया. तीन के पास पुर्तगाली पासपोर्ट हैं, जबकि छह अभी भारत से बाहर हैं. उनके वापस आने की सूचना मिलने के बाद उनके सत्यापन की प्रक्रिया पर अमल होगा. फिलहाल, विवाद पर परदा गिर गया है.
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बता दें, गोवा के 97 मतदाताओं का मामला ECINET सिस्टम में मतदाता नाम हटाने के बाद उसे दोबारा बहाल करने की तकनीकी सुविधा को लेकर विवाद से जुड़ा था. SIR प्रक्रिया के दौरान इन मतदाताओं के नाम हटाने की कार्रवाई हुई थी. बाद में दस्तावेजों और सुनवाई के आधार पर संबंधित ERO ने माना कि ये मतदाता नाम शामिल किए जाने के योग्य हैं. लेकिन सिस्टम में पहले दर्ज किए गए deletion को वापस लेने यानी rollback का विकल्प उपलब्ध नहीं था.
गोवा के CEO कार्यालय ने ECI से इस तकनीकी समस्या को दूर करने के लिए कई बार अनुरोध किया. इसके बावजूद 21 फरवरी को जारी फाइनल मतदाता सूची में ये 97 नाम शामिल नहीं हो सके थे.
इस बीच, गोवा के सांता क्रूज में रहने वाले एक परिवार के 6 सदस्यों ने पता बदलने के लिए आवेदन किया था, लेकिन SIR के दौरान उनके नाम हटा दिए गए. इस मामले को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग (EC) को कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि तकनीक के बजाय कानून का पालन करें.