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त्योहारों से पहले सरकार का कुकिंग ऑयल पर बड़ा फैसला, सोयाबीन-पाम-सूरजमुखी तेल पर घटाई कस्टम ड्यूटी

रसोई के बजट पर बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सोयाबीन, पाम और सूरजमुखी तेल के आयात पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है. फैसला ऐसे समय आया है जब त्योहारी सीजन करीब है और घरों में तेल की खपत बढ़ने वाली है.

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सरकार ने खाद्य तेलों पर कस्टम ड्यूटी घटा दी है (Representative)
सरकार ने खाद्य तेलों पर कस्टम ड्यूटी घटा दी है (Representative)

त्योहारों से पहले रसोई को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने खाद्य तेलों पर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने कच्चे सोयाबीन और पाम ऑयल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10% से घटाकर 5% कर दी है. रिफाइंड सोयाबीन और पाम ऑयल पर यह ड्यूटी 32.5% से घटाकर 27.5% कर दी गई है.

इसके अलावा सूरजमुखी के तेल पर ड्यूटी 10% से घटाकर सीधे 0 कर दी गई है. वहीं रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर कस्टम ड्यूटी 32.5% से घटकर 22.5% हो गई है. ये बदलाव 24 सितंबर 2026 से लागू होंगे. 

केंद्र सरकार ने इन बदलावों को लागू करने के लिए 23 सितंबर 2026 को नोटिफिकेशन नंबर 31/2026-Customs जारी किया है. इस फैसले का सीधा मकसद खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों पर दबाव कम करना और महंगे कुकिंग ऑयल से परेशान ग्राहकों को राहत देना है. दुनियाभर में खाना पकाने वाले तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसका असर भारत के बाजार पर भी पड़ता है.

आयात पर निर्भर है भारत

भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरत का आधे से ज्यादा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने या रुपये की कीमत में बदलाव होने पर घरेलू बाजार में भी खाद्य तेल महंगा हो सकता है. कस्टम ड्यूटी में कटौती से आयात की लागत पर असर पड़ने की उम्मीद है.

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त्योहारों के सीजन से पहले फैसला

देश में त्योहारी सीजन करीब है. इस दौरान घरों में खाना बनाने, मिठाइयां तैयार करने और तलने-भूनने के लिए खाद्य तेल की खपत आम दिनों के मुकाबले ज्यादा होती है. ऐसे में सरकार की कोशिश है कि बढ़ती मांग के बीच खाद्य तेल की कीमतों पर ज्यादा दबाव न आए.

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