केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET परीक्षा, पेपर लीक विवाद और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर बड़ा बयान दिया है. इंडिया टुडे टीवी को दिए एक खास इंटरव्यू में उन्होंने संकेत दिया कि अगले वर्ष से NEET परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) प्रारूप में आयोजित की जा सकती है. साथ ही उन्होंने पेपर लीक मामलों में शामिल 'पेपर माफिया' के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया.
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन कुछ संगठनों की मंशा पर सवाल उठाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग देश को तोड़ने की बात करते हैं, वही लोग आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वहां वास्तव में कितने छात्र मौजूद हैं. उन्होंने कहा, 'जो लोग देश को टुकड़े-टुकड़े करना चाहते हैं, वही लोग आज जंतर-मंतर पर डपली बजा रहे हैं. क्या वहां कोई स्टूडेंट भी है?'
धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह छात्रों के बीच अनावश्यक भय का माहौल पैदा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन उन्हें छात्रों के मन में डर नहीं बैठाना चाहिए.
राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा
शिक्षा मंत्री ने नागपुर के एक छात्र के परीक्षा केंद्र अबू धाबी आवंटित होने के विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र ने स्वयं पोर्टल पर अबू धाबी केंद्र का चयन किया था और इसका रिकॉर्ड भी मौजूद है. उन्होंने दावा किया कि एनटीए ने बाद में छात्र के परिवार से संपर्क कर नागपुर से परीक्षा देने का विकल्प भी दिया था. इसके बावजूद राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाया. प्रधान ने कहा कि यदि राहुल गांधी में जवाबदेही और नैतिकता बची है तो उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए.
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी किसी विवाद का इंतजार कर रहे थे ताकि NEET को लेकर राजनीति की जा सके. प्रधान ने कहा कि कांग्रेस नेता न तो देश की संस्थाओं पर भरोसा करते हैं और न ही युवाओं पर.
अगले साल से CBT मोड में हो सकती है NEET
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर NEET को कंप्यूटर आधारित परीक्षा बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से कहा कि वे अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दें. उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा को अधिक विकेंद्रीकृत बनाने के विकल्पों पर भी चर्चा चल रही है.
पेपर माफिया पर कार्रवाई का भरोसा
पेपर लीक की घटनाओं पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि पेपर माफिया सक्रिय न रह सके. उनके अनुसार परीक्षा की पारदर्शिता केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज, परिवार, शिक्षकों और संस्थानों की भी साझा जिम्मेदारी है.
प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका का किया बचाव
प्रधान ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर नजर रखते हैं और NEET मामले में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई. उन्होंने परीक्षा के सफल आयोजन का श्रेय छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, जिला प्रशासन और विभिन्न सरकारी एजेंसियों को दिया.
शिक्षा मंत्री के इस बयान को NEET के भविष्य और परीक्षा सुधारों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं तो अगले वर्ष से लाखों अभ्यर्थियों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली के अनुरूप तैयारी करनी होगी.