सोशल मीडिया पर जब लोग अपनी महंगी गाड़ियों, आलीशान घरों और लग्जरी वेकेशन की तस्वीरें शेयर कर एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हैं, तब एक शख्स की सादगी और ईमानदारी से भरी पोस्ट ने इंटरनेट पर सबका ध्यान खींचा है. आमतौर पर 35 साल की उम्र तक आते-आते लोग सेटल न होने की नाकामियों को देखकर परेशान होने लगते हैं, लेकिन इस शख्स ने यह बताया है कि जिंदगी को देखने का नजरिया बदल जाए, तो असली सुकून कहां मिलता है.
आशीष जैन नाम के एक शख्स ने एक्स पर अपनी लाइफ को लेकर ईमानदार पोस्ट शेयर की है, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. आशीष ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा- ' मैं 35 साल का हूं, मेरे पास न तो अपना घर है, न कार, न ही बैंक में बहुत सारा पैसा या स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड का बड़ा पोर्टफोलियो है और न ही कोई बहुत बड़ी नौकरी है, लेकिन मैं एक अच्छे किराए के घर में रहता हूं, उबर से सफर कर सकता हूं और मुझ पर कोई कर्ज़ नहीं है, पिछले साल के मुकाबले मेरी बॉडी और मानसिक स्थिति बेहतर है, मैंने उन छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेना छोड़ दिया है जिनका एक साल बाद कोई महत्व नहीं रहेगा. मैंने घर या कार खरीदने का दबाव लेना और भविष्य की बहुत ज़्यादा चिंता करना भी छोड़ दिया है. अब मैं अपनी बॉडी और मन पर ध्यान दे रहा हूं, एक साल से ज़्यादा समय से स्मोकिंग छोड़ दी है और जंक फ़ूड खाना भी बंद या कम कर दिया है। यह सब ठीक है, ज़रूरी नहीं कि आपके पास हर चीज का समाधान हो. बस हर दिन को वैसे ही जिएं जैसे वह आता है और खुद पर ध्यान दें.'
आशीष की इस पोस्ट को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं. लोग इसे आज के समय की सबसे व्यावहारिक और सुकून देने वाली बात मान रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, "मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं आशीष. जीने का सबसे व्यावहारिक तरीका यही है कि हम आभार मानना सीखें. मुकाबला खुद से होना चाहिए, किसी और की इंस्टाग्राम लाइफस्टाइल से नहीं."
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आशीष की इस पोस्ट ने लोगों को भागदौड़ भरी जिंदगी में एक पल रुककर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सफलता की असल परिभाषा क्या है, एक अन्य यूजर ने लिखा, "35 की उम्र में कोई कर्ज न होना, स्वस्थ शरीर और शांत दिमाग होना ही असली सफलता है. रोजाना उन चीजों पर ध्यान देना जो हमारे कंट्रोल में हैं, किसी दिखावे की चेकलिस्ट को पूरा करने से कहीं बेहतर है. आगे बढ़ते रहिए!
वहीं एक और शख्स ने लिखा, "सफलता सिर्फ वो नहीं है जो आपके पास है, बल्कि वो शांति, सेहत और आंतरिक विकास है जो आप खुद के भीतर तैयार करते हैं. ज़ीरो डेब्ट होना आज के समय की सबसे अंडररेटेड जीत है.'
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