आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को ऐलान किया था कि वे मंगलवार को 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च करेंगे. लेकिन दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि केजरीवाल ने इस मार्च के लिए कोई परमिशन नहीं मांगी है और पुलिस ने भी किसी तरह की इजाजत नहीं दी है. दिल्ली में BNSS की धारा 163 लागू है, ऐसे में पीएम आवास तक कोई मार्च नहीं होने दिया जाएगा.
केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वे E20 पेट्रोल के खिलाफ लोगों की तरफ से साइन की गई पिटीशन खुद पीएम को सौंपने जाएंगे. उनका आरोप है कि केंद्र सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल लोगों पर थोप रही है ताकि अमेरिका से एथेनॉल खरीदा जा सके. केजरीवाल ने कहा कि लोगों को अपनी गाड़ियों में कई दिक्कतें आ रही हैं, फिर भी सरकार यह नीति जारी रखे हुए है, जिससे साफ है कि इसके पीछे कोई और मकसद है.
वहीं दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि यह पूरा मामला कांग्रेस और आप के बीच खुद को नंबर एक अराजकतावादी साबित करने की होड़ का हिस्सा है.
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पीएम आवास पर प्रदर्शन के बाद केजरीवाल पीछे रह गए थे, इसी कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने बिना इजाजत मार्च का ऐलान किया. मल्होत्रा ने यह भी कहा कि पहले हंगामा खड़ा करना और फिर खुद को पीड़ित बताना केजरीवाल का पुराना तरीका रहा है और मंगलवार को भी पुलिस के रोकने पर वे यही करेंगे.
केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने पिछले महीने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर मुलाकात का समय मांगा था लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और E20 दोनों के विकल्प देने और दाम घटाने की मांग की थी. उनका दावा है कि इस मुद्दे पर दो लाख से ज्यादा लोगों ने पिटीशन साइन की है. साथ ही पिछले हफ्ते हुई "एथेनॉल टाउनहॉल" को उन्होंने बड़ी कामयाबी बताया.