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मसूरी के कैम्पटी फॉल का वीडियो दिखाकर सरकार ने चेताया- ऐसे कैसे रुकेगी तीसरी लहर

उत्तराखंड के मसूरी के कैम्पटी फॉल के वीडियो (Musoorie Kempty Fall Video) का सरकार ने जिक्र करके सवाल किया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पूछा है कि क्या हम लोग सही कर रहे हैं? क्या यह कोरोना वायरस को खुला न्योता नहीं है?

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कैम्प्टी फॉल वीडियो का स्क्रीनशॉट
कैम्प्टी फॉल वीडियो का स्क्रीनशॉट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना को लेकर सरकार ने किया मसूरी के वीडियो का जिक्र
  • कोरोना प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन कर रहे थे पर्यटक
  • सरकार ने पूछा- क्या हम सही कर रहे?

कोरोना वायरस (Covid-19) की दूसरी लहर के कई दिनों तक देश में तबाही मचाने के बाद केंद्र सरकार लगातार संभावित तीसरी लहर से बचने के उपाय कर रही है, लेकिन कई टूरिस्ट प्लेस (Tourist Places) पर सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने जैसे कोविड प्रोटोकॉल्स का उल्लंघन किया जा रहा है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश आदि के कई शहरों में पर्यटकों की लापरवाही बरतते हुए भारी भीड़ उमड़ रही है.

हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए उत्तराखंड के मसूरी के कैम्पटी फॉल के वीडियो का सरकार ने जिक्र करके सवाल किया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में पूछा है कि क्या यह हम लोग सही कर रहे हैं? क्या यह कोरोना वायरस को खुला न्योता नहीं है?

कैम्पटी फॉल में पर्यटकों ने किया उल्लंघन

कोरोना की दूसरी लहर जब से धीमी हुई है, तबसे पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों की भीड़ भी बढ़ गई. मसूरी के कैम्पटी फॉल में लोग बिना किसी सोशल डिस्टेंसिंग और बिना मास्क पहने हुए ही बेधड़क जा रहे हैं.

सामने आए वीडियो के बाद संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, ''सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मसूरी के कैम्पटी फॉल में सैंकड़ों सैलानी उमड़ पड़े. क्या हम सही काम कर रहे हैं? क्या यह हमें संक्रमित करने के लिए कोरोना वायरस को खुला निमंत्रण नहीं है?''

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इसके अलावा, ब्रिटेन और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए अग्रवाल ने कहा कि यूरो फुटबॉल मैच के बाद यूके में दैनिक कोरोना मामलों में वृद्धि हुई है. कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी रोकने के लिए कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन करना जरूरी है. बांग्लादेश में दूसरी लहर की तुलना में तीसरी लहर में अधिक नए मामले देखे गए हैं. सरकार ने देश में लॉकडाउन कर दिया है.

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'अगली लहर को रोकने को प्रोटोकॉल का पालन जरूरी'

केंद्र सरकार ने संभावित तीसरी लहर को रोकने के लिए कोरोना के लिए जारी प्रोटोकॉल्स का पालन करना जरूरी बताया है. नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कोरोना मामलों में कमी एक पॉजिटिव ट्रेंड है, लेकिन अगली किसी लहर को रोकने के लिए हमें कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवीयर का पालन करना होगा. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जब भी देश में कोरोना के मामले बढ़ते हैं, तब हमारा फोकस ज्यादा टेस्टिंग करने की होती है और जब मामले कम हो रहे हैं, तब भी हम ज्यादा-से-ज्यादा कोविड टेस्ट कर रहे हैं.

लापरवाही वाले फोटोज-वीडियोज का पीएम मोदी ने भी किया था जिक्र

बीते दिन मंत्रिपरिषद की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने लगातार सामने आ रहीं कोविड प्रोटोकॉल्स के उल्लंघन की तस्वीरों और वीडियोज का जिक्र किया था. सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी ने कहा था कि पिछले कुछ दिनों से हम सभी भीड़-भाड़ वाली जगहों और बिना मास्क या बिना सोशल डिस्टेंसिंग के घूम रहे लोगों की तस्वीरें और वीडियोज देख रहे हैं. यह अच्छा नहीं है. इससे हमें डरना चाहिए. उन्होंने कहा था कि सभी को यह याद रखना चाहिए कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है. कई अन्य देशों में संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है. वायरस भी म्यूटेट हो रहा है. वहीं, कोरोना महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई पूरे जोश के साथ निरंतर टीकाकरण अभियान और हाई टेस्टिंग के साथ चल रही है. 

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