केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर हुए नौकरशाही फेरबदल को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को लंबे समय तक कई अहम जिम्मेदारियां सौंपे जाने और उनकी जगह नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार ने विनीत जोशी को बचाने और जवाबदेही से दूर रखने के उद्देश्य से उनका तबादला किया है.
दरअसल, केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने गुरुवार को 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया. इससे पहले गंगवार पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव थे. वहीं, विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने सवाल उठाया कि विनीत जोशी के तबादले से पहले उनके पास एक साथ पांच महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां क्यों थीं.
उन्होंने कहा कि विवेक जोशी उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अध्यक्ष, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के चेयरमैन और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. पी. चिदंबरम ने माना कि इनमें से कुछ पद अतिरिक्त प्रभार के तौर पर हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने पूछा कि सरकार ने इन जिम्मेदारियों को अन्य अधिकारियों में बांटने के बजाय एक ही अधिकारी के पास क्यों रखा.
#WATCH | Delhi | Congress MP P Chidambaram says, "I want to ask the Education Minister: why is one person, Vineet Joshi, holding five posts? Secretary of Higher Education, Secretary of School Education, Chairman or Acting Chairman of UGC, Chairman or Acting Chairman of NTA,… pic.twitter.com/Ht9XXpO9ds
— ANI (@ANI) July 24, 2026
पवन खेड़ा ने नए सचिव की नियुक्ति पर उठाए सवाल
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के पद पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के पद पर ऐसे अधिकारी को नियुक्त किया है, जिनकी भूमिका की खुद जांच होनी चाहिए. खेड़ा ने दावा किया कि गंगवार के पशुपालन एवं मत्स्य विभाग में सचिव रहने के दौरान उनकी पत्नी, मां और बेटे को राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (National Horticulture Board) से कुल 1.16 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी मिली.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार में भ्रष्टाचार गहराई तक फैला हुआ है और यह नियुक्ति केंद्र सरकार के कामकाज की उसी कार्यशैली को दर्शाती है. हालांकि, केंद्र सरकार या नरेश पाल गंगवार की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.