लोकसभा में गुरुवार का दिन हंगामों से भरा रहा. शाम को जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बोलने आए तो उन्होंने पहले मिडिल ईस्ट संकट पर अपनी बात रखी और फिर एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लिया. इसके बाद संसद में बवाल मच गया और जमकर नारेबाजी हुई. स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल को टोकते हुए बताया कि केवल तय विषय पर ही चर्चा करें.
राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव का भारत पर गंभीर असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत के तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है.
उन्होंने कहा कि हालात का असर अब दिखने लगा है. कुछ जगहों पर रेस्तरां बंद हो रहे हैं, एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ रही है और बाजारों में घबराहट का माहौल है. उनके मुताबिक यह केवल शुरुआत है और अगर स्थिति बिगड़ती है तो इसका असर और व्यापक हो सकता है.
राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है. उनके अनुसार भारत को यह अधिकार होना चाहिए कि वह तय करे कि उसे तेल और गैस किस देश से खरीदनी है. उन्होंने सवाल उठाया कि भारत जैसा बड़ा देश क्यों किसी दूसरे देश को यह तय करने दे कि भारत रूस से तेल खरीदे या नहीं, या किस देश से ऊर्जा संबंध रखे.
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उन्होंने कहा कि यह स्थिति उनके लिए लंबे समय से एक पहेली रही है कि भारत जैसा बड़ा देश अपनी ऊर्जा नीतियों पर बाहरी दबाव क्यों स्वीकार करता है.
राहुल गांधी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर स्वतंत्र निर्णय लेना किसी भी देश के लिए बेहद जरूरी है. उनके अनुसार अगर ऊर्जा आपूर्ति पर बाहरी नियंत्रण बढ़ता है, तो इसका असर देश की अर्थव्यवस्था और रणनीतिक स्वतंत्रता पर पड़ सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित संघर्ष का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ेगा, जिससे भारत जैसी ऊर्जा आयात करने वाली अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है.
संसद में उस समय हंगामा हो गया जब राहुल गांधी ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए एक दस्तावेज़ दिखाने लगे और एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए हरदीप सिंह पूरी का नाम लिया. उन्होंने कहा कि उनके पास एक ऐसा दस्तावेज़ है जिसमें एक मंत्री के परिवार से जुड़े वित्तीय लेन-देन का जिक्र है.
इसी दौरान सभापति ओम बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा कि जिस विषय पर नोटिस दिया गया है, उसी पर बोलना होगा. सभापति ने कहा, “माननीय सदस्य, आपने जो नोटिस दिया है उसी विषय पर बोलिए. अगर आपको किसी अन्य विषय पर बोलना है तो उसके लिए अलग से नोटिस देना होगा.”
उन्होंने आगे कहा कि संसद नियम और प्रक्रियाओं के अनुसार चलती है और बिना नोटिस के किसी दूसरे विषय को उठाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. सभापति ने राहुल गांधी से कहा कि अगर वे उसी विषय पर बोलना चाहते हैं जिस पर नोटिस दिया गया है, तो बोलें. अन्यथा इस तरह से सदन नहीं चल सकता.
बता दें कि संसद की कार्यवाही से राहुल गांधी के बयान को हटा दिया गया है.