scorecardresearch
 

BRICS Day 1: मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, दिल्ली डिक्लेरेशन और गाला डिनर... ब्रिक्स समिट के पहले दिन की बड़ी बातें

BRICS समिट के पहले दिन AI, क्रॉस बॉर्डर पेमेंट, एकतरफा प्रतिबंधों, UNSC सुधार समेत कई खास मुद्दों पर चर्चा हुई. नई दिल्ली घोषणा में सदस्य देशों ने जंग और टकराव रोकने, बातचीत और कूटनीति के जरिए अंतर्राष्ट्रीय विवादों का समाधान करने पर जोर दिया गया.

Advertisement
X
ब्रिक्स के पहले दिन की बड़ी बातें (Photo: PTI)
ब्रिक्स के पहले दिन की बड़ी बातें (Photo: PTI)

भारत की मेजबानी में हो रहे दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स समिट के पहले दिन का कार्यक्रम समाप्त हो गया है. पहले दिन AI, क्रॉस बॉर्डर पेमेंट, एकतरफा प्रतिबंधों, UNSC सुधार समेत कई खास मुद्दों पर चर्चा हुई. आइए जानते हैं समिट के पहले दिन की बड़ी बातें.

मोदी-जिनपिंग की मुलाकात: ब्रिक्स समिट से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक भी हुई. द्विपक्षीय वार्ता के दौरान, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन को 'ग्रेटर BRICS सहयोग' के तहत उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए. चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, बैठक के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन एक-दूसरे की खूबियों से सीख सकते हैं और साझा विकास हासिल कर सकते हैं. 

नई दिल्ली घोषणापत्र: BRICS की नई दिल्ली घोषणा में सदस्य देशों ने जंग और टकराव रोकने, बातचीत और कूटनीति के जरिए अंतर्राष्ट्रीय विवादों का समाधान करने और वैश्विक मुद्दों पर सभी देशों के नजरिए का सम्मान करने पर जोर दिया. घोषणा में एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों पर भी चिंता जताई गई. इन्हें WTO नियमों के खिलाफ बताया गया. इस घोषणा में BRICS के सदस्य देशों ने सीमा पार आतंकवाद, आतंकवाद की फंडिंग और आतंकियों को सुरक्षित पनाह मिलने जैसी चुनौतियों से निपटने के संकल्प को भी दोहराया.

Advertisement

पहलगाम आतंकी हमले की निंदा: BRICS की नई दिल्ली घोषणा में सदस्य देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों की कड़ी निंदा की है. BRICS देशों ने 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की भी निंदा की है. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे. घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने, आतंकियों की जवाबदेही तय करने और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की अपील को दोहराया गया है. 

ग्लोबल साउथ की भूमिका पर जोर: पीएम मोदी ने BRICS समिट में कहा कि ग्लोबल साउथ सबसे ज्यादा वैश्विक संकटों का सामना कर रहा है लेकिन निर्णय की प्रक्रिया में पीछे है. उन्होंने कहा कि एआई, साइबर स्पेस, आउटर स्पेस, बायो टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज भविष्य के अवसरों के साथ वैश्विक नियम भी तय कर रहे हैं. ऐसे में ग्लोबल साउथ की समान भागीदारी जरूरी है. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के जरिए ग्लोबल साउथ के युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत का कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कानूनी विशेषज्ञता दी जा सकती है.

यह भी पढ़ें: BRICS से डॉलर को चुनौती? दिल्ली में ईरान ने बताया अमेरिका के खिलाफ अपना पूरा प्लान

एकतरफा प्रतिबंधों पर चिंता: BRICS घोषणापत्र में एकतरफ़ा आर्थिक और सेकेंडरी प्रतिबंधों की निंदा की गई और इस बात पर ज़ोर दिया गया कि इनसे विकास, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और मानवाधिकारों को नुकसान पहुंच सकता है. BRICS के सदस्य देशों ने एकतरफ़ा टैरिफ़, नॉन-टैरिफ़ बाधाओं और अन्य संरक्षणवादी उपायों पर भी चिंता जताई.

Advertisement

UN सुरक्षा परिषद सुधार का समर्थन: ब्रिक्स के सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार का भी समर्थन किया है. खास बात तो ये है कि नई दिल्ली घोषणापत्र में संयुक्त राष्ट्र में ब्राजील और भारत की बड़ी भूमिका का समर्थन करने के लिए चीन और रूस की सराहना की गई. 

मिडल ईस्ट संकट पर चिंता: BRICS समिट के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट में जारी जंग को लेकर बड़ा बयान दिया. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि मिडिल ईस्ट की जंग से इस क्षेत्र के लोगों को गंभीर नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि यह जंग अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के मुताबिक नहीं है.

चीन में होगा 19वां BRICS समिट: शनिवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ऐलान किया कि चीन 2027 में BRICS की अध्यक्षता संभालेगा और 19वें BRICS समिट की मेजबानी करेगा. शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में चल रहे BRICS समिट के दौरान यह घोषणा की. 2027 का BRICS समिट चीन की मेजबानी में होगा. शी जिनपिंग ने कहा कि चीन BRICS के सदस्य देशों के साथ मिलकर मिडिल ईस्ट और गल्फ क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने में अपनी भूमिका निभाएगा.

यह भी पढ़ें: BRICS: पहलगाम, इंडिया की UNSC मेंबरशिप और फिलीस्तीन... दिल्ली घोषणापत्र में क्या क्या है?

Advertisement

स्थानीय मुद्रा में व्यापार और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स: BRICS समिट के दौरान क्रॉस बॉर्डर पेमेंट प्रणाली को तेज, सुरक्षित और आसान बनाने के लिए लोकल करेंसी और डिजिटल करेंसी के इस्तेमाल पर जोर दिया गया. 

बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर जोर: BRICS समिट के दौरान पीएम मोदी ने भारत मंडपम में समापन संबोधन में समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर जोर दिया.

AI पर सहयोग: नई दिल्ली घोषणापत्र में ग्लोबल साउथ की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए AI का विकास करने पर जोर दिया गया. इसके साथ ही, AI को सुरक्षित, भरोसेमंद, समावेशी कुशल बनाने की बात पर भी जोर दिया गया. 

गाला डिनर का आयोजन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ब्रिक्स नेताओं के लिए शनिवार को गाला डिनर का आयोजन किया गया. जानकारी के मुताबिक, पारंपरिक भारतीय और श्री अन्न (मिलेट्स) से बने स्वादिष्ट व्यंजन मेहमानों को परोसे गए.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement