डॉलर
डॉलर 20 से अधिक देशों के मुद्राओं का नाम है, इनमें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, ब्रुनेई डॉलर, कैनेडियन डॉलर, हांगकांग डॉलर, जमैका डॉलर, लाइबेरिया डॉलर, नामीबियाई डॉलर, न्यू ताइवान डॉलर, न्यूजीलैंड डॉलर, सिंगापुर डॉलर, यूनाइटेड स्टेट्स डॉलर और कई अन्य शामिल हैं (Dollar in Countries). उन मुद्राओं में से अधिकांश के लिए प्रतीक डॉलर का चिह्न $ है (Sign of Dollar).
यूनाइटेड स्टेट्स डॉलर यानी USD को 1792 के कॉइनेज एक्ट ने अमेरिकी डॉलर को स्पेनिश सिल्वर डॉलर के बराबर पेश किया गया था (United States Dollar). संयुक्त राज्य की मौद्रिक नीति फेडरल रिजर्व सिस्टम (Federal Reserve System) द्वारा संचालित की जाती है, जो देश के केंद्रीय बैंक (Central bank) के रूप में कार्य करती है.
प्रथम विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी डॉलर (American Dollar) एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आरक्षित मुद्रा बन गया. द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में ब्रेटन वुड्स समझौते द्वारा पाउंड स्टर्लिंग को दुनिया की प्राथमिक आरक्षित मुद्रा के रूप में विस्थापित कर दिया. अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में डॉलर सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली मुद्रा है. यह एक फ्री-फ्लोटिंग मुद्रा है. यह कई देशों में आधिकारिक मुद्रा भी है और कई अन्य देशों में वास्तविक मुद्रा है. फेडरल रिजर्व नोट्स (Federal Reserve Notes) के साथ प्रचलन में उपयोग किया जाता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात को भारत से व्यापार समझौता करने और टैरिफ को 50 फीसदी से कम करके 18 फीसदी करने का ऐलान किया, लेकिन ये अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे भारत की कुछ रणनीतिक कदम भी दिखाई देते हैं.
India-US Trade Deal पर सरकार का बयान. Farmers और dairy sector पूरी तरह सुरक्षित, 18% tariff लागू. Venezuela oil purchase और 500 billion dollar trade की उम्मीद.
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच अटकी ट्रेड डील पर बात बनी, तो इसका असर भारत में साफ देखने को मिला. Gold-Silver हो, शेयर बाजार हो या फिर रुपया सभी में जोरदार तेजी आई है.
India-US Trade Deal पर ब्रेकथ्रू! PM Modi और Donald Trump की बातचीत के बाद US Tariff 50% से घटकर 18% हुआ. रूसी तेल, energy trade और 500 billion dollar deal की पूरी डिटेल जानें.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के डॉलर डॉमिनेंस को चुनौती देते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि हमें चीनी मुद्रा युआन को इतना ताकतवर बनाना होगा कि दुनिया के देश इसका इस्तेमाल इंटरनेशनल रिजर्व के तौर पर करें. ट्रंप ऐसी किसी कोशिश के खिलाफ हैवी टैरिफ की धमकी दे चुके हैं.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इंटरनेशनल इकोनॉमी में अमेरिकी डॉलर के वर्चस्व को चुनौती देने का संकेत दिया है. उन्होंने चीन की मुद्रा युआन को एक “मजबूत करेंसी” बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इसे इस स्तर तक विकसित किया जाए
Rupee Fall Aginst Dollar: रुपया टूट रहा है और ये डॉलर के मुकाबले करीब 92 के स्तर पर आ गया. किसी भी देश में करेंसी का टूटना इकोनॉमी के लिए अच्छा नहीं माना जाता है और ये महंगाई का जोखिम बढ़ाने वाला साबित हो सकता है.
लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.
इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.
इकोनॉमी सर्वे रिपोर्ट में रुपये के गिरावट को लेकर जानकारी दी गई है और यह बताया गया है कि इससे क्या नुकसान हो रहा है? रुपये की गिरावट को रोकने के लिए कुछ सुझाव भी दिए गए हैं.
सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. 26 जनवरी को भारत में कमोडिटी मार्केट बंद था, लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में सोना 5000 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गया. 27 जनवरी को मल्टी कमोडिटी मार्केट खुलते ही चांदी और सोने में जोरदार तेजी देखने को मिली.
चांदी की कीमतों में तेजी ने इन्वेस्टर्स को हैरान कर दिया है. सिर्फ एक महीने में चांदी करीब 1 लाख रुपये महंगी हो चुकी है, जबकि एक हफ्ते में ही इसमें लगभग 40 हजार रुपये की उछाल आई है
भारतीय रुपये में भारी गिरावट आई है और यह गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है. बजट से पहले यह गिरावट लगातार विदेशी निवेशकों द्वारा बिकवाली के कारण आया है.
Budget 2026 से पहले Indian Rupee रिकॉर्ड निचले स्तर 91.96 पर पहुंचा. FII selling, बढ़ती dollar demand और stock market volatility से रुपये पर दबाव.
अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर मादुरो को पकड़ लिया. वजह ड्रग्स या आतंकवाद नहीं, बल्कि पेट्रोडॉलर सिस्टम बचाना है. 1974 की किसिंजर-सऊदी डील से डॉलर की मांग बनी. वेनेजुएला ने युआन में तेल बेचकर डॉलर को चुनौती दी. सद्दाम और गद्दाफी की तरह सजा मिली. पेट्रोडॉलर मर रहा है. ब्रिक्स और चीन तेजी से वैकल्पिक सिस्टम बना रहे हैं.
विदेशी निवेशकों के भारतीय शेयर बाजार से पैसे निकालने के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा है. इस गिरावट का असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा क्योंकि आयात महंगे हो जाएंगे, जिससे पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स और विदेश यात्रा महंगी होगी. बता दें कि 2025 में विदेशी निवेशकों ने $18 अरब के भारतीय शेयर बेचे हैं.
FPI Outflow In January Two Days: साल 2026 के शुरुआती सिर्फ दो कारोबारी दिनों में ही विदेशी निवेशकों की बेरुखी देखने को मिली है और उन्होंने भारतीय बाजारों से 7,608 करोड़ रुपये निकाले हैं.
Silver Price Crash ने निवेशकों को चौंकाया. MCX पर चांदी रिकॉर्ड हाई से फिसलकर ₹21,500 प्रति किलो तक टूट गई. जानें profit booking, global silver price और गिरावट के बड़े कारण.
Gold-Silver New Rates में बड़ा बदलाव. MCX पर चांदी आज ₹14,000 प्रति किलो महंगी होकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, जबकि Gold Rate Fall देखने को मिला. जानें China connection, silver demand और market reasons.
Gold-Silver Record High की वजह क्या है? चांदी आज 9000 रुपये प्रति किलो महंगी हुई और सोना भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा. जानें gold silver price surge, global impact, dollar weakness और Fed rate cut का असर.
Rich Dad Poor Dad के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने एक बार फिर निवेशकों को चांदी पर फोकस करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा डॉलर टूट रहा है, लेकिन Silver 2026 में कमाल करेगी.