डॉलर
डॉलर 20 से अधिक देशों के मुद्राओं का नाम है, इनमें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, ब्रुनेई डॉलर, कैनेडियन डॉलर, हांगकांग डॉलर, जमैका डॉलर, लाइबेरिया डॉलर, नामीबियाई डॉलर, न्यू ताइवान डॉलर, न्यूजीलैंड डॉलर, सिंगापुर डॉलर, यूनाइटेड स्टेट्स डॉलर और कई अन्य शामिल हैं (Dollar in Countries). उन मुद्राओं में से अधिकांश के लिए प्रतीक डॉलर का चिह्न $ है (Sign of Dollar).
यूनाइटेड स्टेट्स डॉलर यानी USD को 1792 के कॉइनेज एक्ट ने अमेरिकी डॉलर को स्पेनिश सिल्वर डॉलर के बराबर पेश किया गया था (United States Dollar). संयुक्त राज्य की मौद्रिक नीति फेडरल रिजर्व सिस्टम (Federal Reserve System) द्वारा संचालित की जाती है, जो देश के केंद्रीय बैंक (Central bank) के रूप में कार्य करती है.
प्रथम विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी डॉलर (American Dollar) एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आरक्षित मुद्रा बन गया. द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में ब्रेटन वुड्स समझौते द्वारा पाउंड स्टर्लिंग को दुनिया की प्राथमिक आरक्षित मुद्रा के रूप में विस्थापित कर दिया. अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में डॉलर सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली मुद्रा है. यह एक फ्री-फ्लोटिंग मुद्रा है. यह कई देशों में आधिकारिक मुद्रा भी है और कई अन्य देशों में वास्तविक मुद्रा है. फेडरल रिजर्व नोट्स (Federal Reserve Notes) के साथ प्रचलन में उपयोग किया जाता है.
भारत की इंपोर्टेड यूरिया सब्सिडी में एक साल में 128.4% की बढ़ोतरी हुई है. इसकी वजह रुपए की कमजोरी और अमेरिका-ईरान युद्ध बताया जा रहा है. सरकार ने 47,956.24 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की, जबकि स्वदेशी यूरिया सब्सिडी में 8.8% की गिरावट आई है. डॉलर की मजबूती के कारण सरकारी बजट पर दबाव बढ़ रहा है, हालांकि किसानों को यूरिया की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है.
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया गुरुवार को 14 पैसे कमजोर होकर 95.22 पर बंद हुआ. डॉलर इंडेक्स में हल्की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी से रुपये पर दबाव रहा. विदेशी फंड की निकासी ने भी कमजोरी बढ़ाई, हालांकि कच्चे तेल की नरम कीमतों से कुछ राहत मिली.
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार नौवें कारोबारी सत्र में मजबूत होकर 95.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. 23 जुलाई के बाद से रुपया 1.7% चढ़ चुका है, जो एक साल से अधिक समय की सबसे लंबी तेजी है. RBI द्वारा रेपो रेट और पॉलिसी स्टैंड बरकरार रखने, डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार से रुपये को मजबूती मिली.
सोने की कीमतों में गिरावट के बीच 50% तक टूटने की चर्चा तेज है. कुछ तकनीकी संकेतक बड़ी गिरावट की संभावना जता रहे हैं, जबकि प्रमुख वैश्विक संस्थानों का अनुमान इससे अलग है. जानिए इतिहास, एक्सपर्ट्स की राय और भारत पर संभावित असर. ऐसे में वैश्विक बाजार में बड़ी गिरावट आने पर भी भारत में कीमतों में अपेक्षाकृत सीमित कमी देखने को मिल सकती है.
अमेरिका की आजादी के 250 वर्ष पूरे होने पर 1 डॉलर का स्मारक गोल्ड कॉइन जारी होगा। 24 कैरेट के इस सिक्के पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर है, जिसे लेकर अमेरिका में परंपरा और कानून को लेकर बहस छिड़ गई है. वित्त विभाग ने ये भी कहा कि 1926 में अमेरिका की 150वीं वर्षगांठ पर तत्कालीन राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर वाला स्मारक सिक्का भी जारी किया गया था.
अमेरिका के कई राज्यों ने मेटा पर 1.4 ट्रिलियन डॉलर की पेनाल्टी की मांग की है. आरोप है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के डिजाइन से बच्चों में सोशल मीडिया की लत बढ़ी. हालांकि, ये मामला अमेरिकी मुकदमे से अलग है. फिलहाल अदालत में सुनवाई और जांच की प्रक्रिया जारी है.
अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों के ठिकानों से अमेरिकी डॉलर मिलने का भी खुलासा हुआ है. जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार सबसे अधिक 20.39 लाख रुपये कैश अविनाश शुक्ला के यहां से बरामद हुए हैं, जबकि उसके ही घर में 1121 अमेरिकी डॉलर भी मिले. अन्य आरोपियों के घरों से भी लाखों रुपये, सिक्के और आभूषण बरामद किए गए हैं.
दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अब डॉलर को लेकर अपनी होल्डिंग्स घटाने पर विचार कर रहे हैं. उसकी जगहों पर कुछ अन्य देशों की करेंसी अपने पोर्टफोलियो में रख रहे हैं.
दुनिया के कई देश अब विदेशी मुद्रा भंडार में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. केंद्रीय बैंक डॉलर पर निर्भरता कम कर विविध विकल्प तलाश रहे हैं. ये संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में वैश्विक आर्थिक संतुलन और मुद्रा प्रणाली में बड़े परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं.
CRED के संस्थापक कुणाल शाह इन दिनों चर्चा में हैं. जानिए उन्होंने कहां से पढ़ाई की, FreeCharge और CRED की शुरुआत कैसे की और उनकी अनुमानित संपत्ति कितनी है. वीडियो में जानें उनका नाम WhatsApp CEO को लेकर क्यों जोड़ा जा रहा है और नेटवर्थ को लेकर भी हो रही चर्चा.
अमेरिका-ईरान शांति समझौते और होर्मुज स्ट्रेट खुलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. मई में डोनाल्ड ट्रंप ने तेल सस्ता होने की भविष्यवाणी की थी, जो अब सही साबित होती दिख रही है. इससे पहले मिडिल ईस्ट में तनाव के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 100-110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई थीं, जिसका असर कई देशों में ईंधन की कीमतों पर भी देखा गया था.
G-7 शिखर सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास फ्रीज ईरानी फंड वापस करने पड़ सकते हैं. अमेरिका-ईरान समझौते के बाद प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक सहयोग के संकेत भी दिए गए हैं. हालांकि ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका सीधे इस फंड में पैसा नहीं देगा और किसी भी राहत या निवेश की संभावना ईरान के भविष्य के कदमों पर निर्भर करेगी
भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ा फैसला लिया है, जिससे भारत का डॉलर रिजर्व बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही रुपये में मजबूती आ सकती है. इसके अलावा, भारत में विदेशी निवेश भी तेजी से बढ़ सकता है.
Robert Kiyosaki On 1 Trillion Dollar: रॉबर्ट कियोसाकी का एक नया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और इसमें भी उन्होंने 1 ट्रिलियन डॉलर का गणित समझाते हुए US Dollar को बेकार बताया है, जबकि Gold-Silver में निवेश की सलाह दी है.
अमेरिका में भारतीय समुदाय के बीच पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों की मांग बढ़ रही है. सत्यनारायण कथा, गृह प्रवेश और विवाह जैसे अनुष्ठानों से पंडितों को अच्छी आय के अवसर मिलते हैं. अमेरिका में धार्मिक कार्य करने के लिए आमतौर पर R-1 वीजा का उपयोग किया जाता है. ये वीजा धार्मिक संस्थाओं से जुड़े व्यक्तियों को वहां धार्मिक सेवाएं देने की अनुमति देता है.
स्पेसएक्स के संभावित IPO और बढ़ते वैल्यूएशन के बीच एलन मस्क की संपत्ति 1 ट्रिलियन डॉलर पार करने की चर्चा तेज है. ऐसा होने पर वह दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन सकते हैं. उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा कंपनियों के शेयरों और निवेश से जुड़ा है, इसलिए बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव का सीधा असर उनकी नेटवर्थ पर पड़ सकता है.
भारत में सत्यनारायण की कथा, रामायण और किसी भी अन्य भगवान की पूजा के लिए पंडित जी आराम से मिल जाते हैं और ज्यादा पैसे भी नहीं लेते हैं. लेकिन क्या आपने सोचा है कि अमेरिका में पूजा करवाने के लिए पंडित जी कितनी दक्षिणा लेते हैं? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सारिका नाम की एक यूजर ने इसके बारे में बताया है. तो चलिए जानते हैं.
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी वित्तीय व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि दुनिया धीरे-धीरे डॉलर और यूरो पर अपनी निर्भरता कम कर रही है. प्रतिबंधों की वजह से लोग वैकल्पिक ऑप्शन इस्तेमाल कर रही है.
AI पर भारी निवेश के बावजूद गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और उबर जैसी कंपनियां बढ़ती लागत और सीमित रिटर्न को लेकर चिंतित हैं. क्या AI का हाइप अब नए सवालों के घेरे में है? विश्लेषकों के अनुसार, AI तकनीक का भविष्य मजबूत हो सकता है, लेकिन सफलता उन कंपनियों को मिलेगी जो इसे व्यावहारिक उपयोग, संतुलित लागत और टिकाऊ बिजनेस मॉडल के साथ लागू कर पाएंगी.
अमेरिका में 250 डॉलर के नए करेंसी नोट को लेकर चर्चा तेज हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के कुछ अधिकारी इस प्रस्ताव को आगे बढ़ा रहे हैं और नोट पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि 1866 से लागू अमेरिकी कानून जीवित व्यक्तियों की तस्वीर मुद्रा नोटों पर छापने की अनुमति नहीं देता. ऐसे में इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी और कानूनी बदलाव जरूरी होंगे.
चीन की करेंसी की तुलना में भारतीय रुपया इस साल गिरा है, जिस कारण चीन से आने वाले वस्तुओं के दाम बढ़े हैं और चीन को इससे फायदा पहुंच रहा है. आइए समझते हैं कैसे...