डॉलर
डॉलर 20 से अधिक देशों के मुद्राओं का नाम है, इनमें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, ब्रुनेई डॉलर, कैनेडियन डॉलर, हांगकांग डॉलर, जमैका डॉलर, लाइबेरिया डॉलर, नामीबियाई डॉलर, न्यू ताइवान डॉलर, न्यूजीलैंड डॉलर, सिंगापुर डॉलर, यूनाइटेड स्टेट्स डॉलर और कई अन्य शामिल हैं (Dollar in Countries). उन मुद्राओं में से अधिकांश के लिए प्रतीक डॉलर का चिह्न $ है (Sign of Dollar).
यूनाइटेड स्टेट्स डॉलर यानी USD को 1792 के कॉइनेज एक्ट ने अमेरिकी डॉलर को स्पेनिश सिल्वर डॉलर के बराबर पेश किया गया था (United States Dollar). संयुक्त राज्य की मौद्रिक नीति फेडरल रिजर्व सिस्टम (Federal Reserve System) द्वारा संचालित की जाती है, जो देश के केंद्रीय बैंक (Central bank) के रूप में कार्य करती है.
प्रथम विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी डॉलर (American Dollar) एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आरक्षित मुद्रा बन गया. द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में ब्रेटन वुड्स समझौते द्वारा पाउंड स्टर्लिंग को दुनिया की प्राथमिक आरक्षित मुद्रा के रूप में विस्थापित कर दिया. अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में डॉलर सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली मुद्रा है. यह एक फ्री-फ्लोटिंग मुद्रा है. यह कई देशों में आधिकारिक मुद्रा भी है और कई अन्य देशों में वास्तविक मुद्रा है. फेडरल रिजर्व नोट्स (Federal Reserve Notes) के साथ प्रचलन में उपयोग किया जाता है.
डॉलर की तुलना में रुपये में बड़ी गिरावट आई है. रुपया 95 मार्क के काफी करीब पहुंच गया है. जबकि बुधवार को यह 94 लेवल के नीचे था. दूसरी ओर, विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है.
ईरान के कारण होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव से ग्लोबल ऑयल सप्लाई प्रभावित हुई है. खाड़ी देशों ने इस स्थिति पर कड़ी चिंता जताई है. तेल की कीमतें 100 डॉलर पार पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और एनर्जी मार्केट पर असर पड़ा है और संकट गहराने की आशंका बढ़ रही है.
ईरान ने भारत को तेल बेचने का ऑफर दिया है, लेकिन इसकी कीमत ब्रेंट क्रूड से 6-8 डॉलर ज्यादा रखी गई है. साथ ही पेमेंट डॉलर में और तय समय सीमा में करने की शर्त रखी गई है. SWIFT सिस्टम से बाहर होने के कारण डील पर अनिश्चितता बनी हुई है.
ईरान पर हमले को 5 दिन टालने के ट्रंप के फैसले से कच्चे तेल की कीमतों में 10% से ज्यादा गिरावट आई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट और WTI नीचे आए, जिससे महंगाई पर राहत के संकेत मिले. इसका सकारात्मक असर वैश्विक और भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है.
जंग के दौरान रुपया में भारी गिरावट देखी गई. शुक्रवार को एक ही दिन में करीब 1 रुपये तक की गिरावट आई. वहीं इस महीने में 2 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है.
ईरान वॉर ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है. दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश भारत भी इस असर से अछूता नहीं है. भारत में इस जंग का कई मोर्चों पर असर पड़ा है. भारत में लोगों की सुबह सुबह की जरूरत चाय 5 रुपये तक महंगी हो गई है. इसकी वजह सिलेंडर की किल्लत है. इसके अलावा खाद, प्लास्टिक इंडस्ट्री पर भी सीधा असर पड़ा है.
डॉलर के मुकाबले शुक्रवार को रुपया ऑल टाइम लो पर पहुंच गया. यह 94 रुपये के करीब जाकर बंद हुआ है. इस गिरावट को लेकर एक्सपर्ट्स ने चिंता जाहिर की है.
भारतीय इतिहास में पहली बार रुपया 93 लेवल के पार कर चुका है, जिस कारण कई चीजों के दाम बढ़ने की संभावना है. साथ ही कुछ चीजें सस्ती हो सकती हैं. आइए जानते हैं...
Goldman Sachs Warning On Rupee: भारतीय करेंसी रुपया में गिरावट जारी है और ये बढ़ सकती है. गोल्डमैन सैश के अर्थशास्त्री ने डॉलर के मुकाबले रुपये के 95 तक टूटने की चेतावनी दी है.
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच फिर क्यों नहीं बढ़ रहे सोने-चांदी के दाम?वेस्ट एशिया में जारी जंग के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल देखने को मिल रही है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने से दुनिया की लगभग 20 फीसदी ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे तेल और गैस की कीमतों में तेज उछाल आया है.आम तौर पर जियो-पॉलिटिकल तनाव के समय सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश माना जाता है और इनकी कीमतों में तेजी देखने को मिलती है. हालांकि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद फिलहाल सोने-चांदी के दाम में बड़ी तेजी नहीं दिखी है
बदला नियम. अब भारत में चीन कर सकेगा ये काम.भारत सरकार ने चीन समेत सभी पड़ोसी देशों के लिए डायरेक्ट विदेशी निवेश नियमों में कुछ ढील देने का फैसला किया है. ये निर्णय 10 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक के बाद सामने आया. इस कदम से विदेशी निवेश के नए अवसर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है. नए नियमों के मुताबिक, जिन विदेशी कंपनियों में इन देशों के शेयरधारक शामिल हैं
मिडिल ईस्ट संकट और तेल 100 डॉलर पार होने के बाद पाकिस्तान में फ्यूल संकट गहरा गया है. PM शहबाज शरीफ ने देश में कुछ बड़े फैसले लागू किए हैं, जिनका असर आम अवाम पर होने वाला है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सैन्य कार्रवाइयों के बीच क्रूड ऑयल पर इस समय दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. जंग के बीच कुवैत-कतर जैसे देशों ने तेल-गैस सप्लाई रोकने का ऐलान किया है, तो वहीं ईरान की होर्मुज स्ट्रेट से टैंकरों की आवाजाही रोकने से क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं
Middle East tension से crude oil prices में उछाल, Brent 100 डॉलर की आशंका. होर्मुज स्ट्रेट पर खतरे के बावजूद भारत के पास 45 दिन का oil reserve और पर्याप्त buffer stock, सप्लाई पर फिलहाल नहीं बड़ा असर.
US-Israel Vs Iran टेंशन का सीधा असर सोमवार को शेयर बाजार, कमोडिटी मार्केट से लेकर करेंसी मार्केट तक में ओपनिंग के साथ ही देखने को मिल सकता है. क्रूड ऑयल की कीमतों में भी तगड़ी बढ़ोतरी नजर आने की आशंका जताई जा रही है.
Piyush Goyal ने US Commerce Secretary Howard Lutnick और Ambassador Sergio Gor से मुलाकात की. Tariff tension के बीच India-US Trade Deal को अंतिम रूप देने पर हुई अहम चर्चा.
माइक्रोसॉफ्ट का मेगा दांव, भारत समेत ग्लोबल साउथ में AI पर ₹4 लाख करोड़ की बड़ी प्लानिंग. नई दिल्ली में चल रहे AI Impact Summit 2026 के दौरान माइक्रोसॉफ्ट ने बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने कहा है कि वो 2030 तक AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट पर करीब 50 अरब डॉलर इन्वेस्टमेंट करेगी
सोना और चांदी की कीमतों में गुरुवार को भारी गिरावट आई थी. इसके पीछे रूस और अमेरिका के बीच एक सीक्रेट डील की खबर है. गुरुवार को ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के बाद इसमें गिरावट आई.
Gold Silver price today: MCX पर सोना और चांदी में भारी गिरावट के बाद रिकवरी. जानें आज के लेटेस्ट रेट, global cues और निवेश संकेत.
Gordie Howe International Bridge को लेकर Trump ने Canada से आधे हिस्से की मांग की. Detroit–Windsor bridge पर क्यों हुआ नया विवाद, जानें पूरी वजह.
Robert Kiyosaki Warning: 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने अपनी नई सोशल मीडिया पोस्ट में US Dollar को लेकर चेतावनी दी है और चांदी खरीदने की सलाह दी है.