बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी को परिवारवाद से दूर रखने के लिए बड़ा फैसला स्पष्ट किया है. उन्होंने कहा कि उनके भाई आनंद कुमार के बेटों को बसपा में कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा. मायावती ने संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनावों में युवा चेहरों को प्राथमिकता देने की बात कही. साथ ही उन्होंने अंबेडकरवादी विचारधारा और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया है.