बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. इसके अध्यक्ष अजय सिंह के निलंबन का आदेश जारी किया गया है. इस मामले में 28 अक्टूबर को अविश्वास प्रस्ताव पर फैसला होगा. भारतीय मुक्केबाजी जगत की शीर्ष संस्था बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) में इंटरनल कंट्रोवर्सी में अब नए घटनाक्रम सामने आए हैं.
फेडरेशन के महासचिव प्रमोद कुमार के हस्ताक्षर से दिनांक 14 अक्टूबर 2026 का एक लेटर सामने आया है, जिसमें फेडरेशन के अध्यक्ष अजय सिंह को अविश्वास प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय होने तक अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की बात कही गई है. लेटर के अनुसार, यह कार्रवाई 8 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिसों के क्रम में की गई है. इसमें 28 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे प्रस्तावित विशेष आम सभा की बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर विचार-विमर्श और मतदान का उल्लेख किया गया है.
सात बिंदुओं पर लगाए गए गंभीर आरोप
लेटर में अध्यक्ष अजय सिंह के कार्यकाल और फेडरेशन के प्रशासनिक कामकाज को लेकर सात प्रमुख आरोपों का उल्लेख किया गया है.
1. एकतरफा निर्णय लेने का आरोप: लेटर में दावा किया गया है कि कार्यकारी समिति और महासभा की आवश्यक सहमति या परामर्श के बिना महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं नीतिगत निर्णय लिए गए.
2. संविधान में अनधिकृत संशोधन का प्रयास: फेडरेशन के संविधान में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना बदलाव करने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया गया है.
3. राज्य संघों पर दबाव बनाने का आरोप: वित्तीय एवं प्रशासनिक जवाबदेही की मांग करने वाले संबद्ध राज्य संघों को निलंबन और तदर्थ समितियों के गठन की धमकी देने की बात कही गई है.
4. वित्तीय अनियमितताओं का मामला: पत्र में वित्तीय प्रबंधन, अनधिकृत खर्च और धनराशि के कथित अनुचित हस्तांतरण से जुड़े सवालों का उल्लेख किया गया है.
5. प्रशासनिक अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप: निर्वाचित पदाधिकारियों के कामकाज में बाधा उत्पन्न करने और फेडरेशन के आधिकारिक ईमेल पर अनधिकृत नियंत्रण से संबंधित आरोप लगाए गए हैं.
6. न्यायालय के आदेशों की अवहेलना का आरोप: दिल्ली हाई कोर्ट के चुनाव संबंधी निर्देशों, प्रशासनिक मानकों और कार्यकाल की सीमाओं का पालन नहीं किए जाने का दावा किया गया है.
7. रेफरी और जजों की व्यवस्था पर सवाल: राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रेफरी एवं जजों के मानकों की निगरानी और जवाबदेही को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है.
28 अक्टूबर की बैठक पर टिकी निगाहें
लेटर में कहा गया है कि अध्यक्ष को निलंबित करने का फैसला अविश्वास प्रस्ताव पर अंतिम मतदान और निर्णय होने तक प्रभावी रहेगा. इसमें अध्यक्ष पद से संबंधित कार्यकारी, वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों के इस्तेमाल के साथ-साथ विभिन्न संस्थाओं के समक्ष बीएफआई का प्रतिनिधित्व करने पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है. इसके अतिरिक्त, आधिकारिक बैंक खातों, डिजिटल प्रणालियों, ईमेल पोर्टल और फेडरेशन के कार्यालय से संबंधित गतिविधियों पर भी प्रतिबंधों का जिक्र है.
अब इस पूरे मामले में 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित विशेष आम सभा की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है. बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर क्या निर्णय होता है और निलंबन आदेश की स्थिति क्या रहती है, इस पर भारतीय मुक्केबाजी जगत की नजर रहेगी.