असम में चुनाव प्रचार के लिए जा रहे कांग्रेस नेताओं के काफिले पर सोमवार को पथराव हुआ. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल और गौरव गोगोई जिस कार में सवार थे, उस पर एसिड भी फेंका गया. बघेल के मुताबिक, उस समय कार की खिड़कियां बंद थीं, इसलिए अंदर बैठे नेता सुरक्षित रहे. घटना में कुछ गाड़ियों के शीशे टूटे हैं, जबकि कांग्रेस ने अपने कुछ नेताओं के घायल होने का भी दावा किया है.
यह घटना नगांव के सामागुरी इलाके के बरमा में हुई. कांग्रेस का काफिला एक चुनावी सभा के लिए लोरिमुख की ओर जा रहा था. काफिले में गौरव गोगोई, भूपेश बघेल, कांग्रेस उम्मीदवार सिबामोनी बोरा, रकीबुल हुसैन समेत कई नेता मौजूद थे. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रास्ते में कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए, नारे लगाए, फिर काफिले पर पत्थर फेंके गए. इसके अलावा भूपेश बघेल ने कहा कि 'उनकी कार पर एसिड फेंका गया'. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मोटरसाइकिल सवार काफी देर तक काफिले का पीछा कर रहे थे और उनमें से कुछ पर BJP के झंडे लगे थे. कांग्रेस ने इस पूरी घटना के लिए BJP समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि, पुलिस की जांच में घटना की पूरी तस्वीर अभी सामने आनी बाकी है.
कई गाड़ियों के शीशे टूटे
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने भी घटना को लेकर दावा किया कि काफिले की गाड़ियों पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं. उन्होंने एक गाड़ी की तस्वीर भी साझा की, जिसमें नुकसान दिखाई दे रहा है. AICC सचिव मनोज चौहान के घायल होने की बात भी कांग्रेस की ओर से कही गई है. घटना के बाद इलाके में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की. कांग्रेस नेताओं ने बाद में नगांव सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई.
गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि काफिले पर हमले की आशंका को लेकर पुलिस को पहले ही जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई. कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में असम सरकार और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.
नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान हुई इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस जहां इसे अपने नेताओं के काफिले पर हमला बता रही है, वहीं घटना की जिम्मेदारी और पूरे मामले की जांच पुलिस के स्तर पर होनी है.