आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में येलरु नहर का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. नहर का पानी सड़कों पर आ गया है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. पेड्डापुरम-वाडलामुरु रोड पर पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं और वाहन चालकों के लिए रास्ता खतरनाक हो गया है. वहीं, समरलाकोटा के उप्पुवारी सत्रम के पास स्थित TIDCO हाउसिंग कॉलोनी में भी बाढ़ का पानी घुस गया है. इससे कॉलोनी में रहने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है.
येलरु नहर में पानी का बहाव बढ़ने के बाद काकीनाडा जिले के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं. पेड्डापुरम-वाडलामुरु सड़क पर बाढ़ का पानी भर गया है. पानी इतना ज्यादा है कि सड़क की सतह और उसमें मौजूद गड्ढे साफ दिखाई नहीं दे रहे हैं. इस वजह से इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है. वाहन चालकों के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि सड़क कहां समतल है और कहां गड्ढा है. ऐसे में हादसे का खतरा भी बढ़ गया है.
TIDCO कॉलोनी में घुसा पानी
येलरु के बढ़े हुए जलस्तर का असर रिहायशी इलाकों पर भी पड़ा है. समरलाकोटा के उप्पुवारी सत्रम के पास बनी TIDCO हाउसिंग कॉलोनियों में बाढ़ का पानी घुस गया है. कॉलोनी में पानी पहुंचने से वहां रहने वाले लोगों में घबराहट का माहौल है. लोगों को आशंका है कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो हालात और खराब हो सकते हैं.

येलरु में पानी का बहाव बढ़ने के बाद समरलाकोटा-पिठापुरम रोड पर भी बड़ी मात्रा में पानी बह रहा है. सड़क पर पानी आने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों को पानी के बीच से निकलना पड़ रहा है. पानी के तेज बहाव और सड़क की स्थिति साफ नहीं दिखने की वजह से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावित सड़कों पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं. उनका आरोप है कि पानी बढ़ने के बावजूद कई जगह लोगों को पहले से आगाह करने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए. बाढ़ के पानी का असर खेती पर भी पड़ा है. जिले के कई इलाकों में खेत जलमग्न हो गए हैं. किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है.
अगर खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहा तो फसलों को नुकसान हो सकता है. ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक नुकसान का खतरा भी पैदा हो गया है. बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन सड़कों पर पानी भर गया है, वहां स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए. साथ ही जरूरत के मुताबिक यातायात को कंट्रोल किया जाए, ताकि पानी के बीच से गुजरते समय कोई हादसा न हो.
लोगों की मांग है कि प्रशासन जलस्तर पर लगातार नजर रखे और उन इलाकों में जरूरी कदम उठाए जहां पानी रिहायशी बस्तियों और सड़कों तक पहुंच गया है. फिलहाल येलरु नहर में बढ़े जलप्रवाह ने काकीनाडा जिले के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित किया है. सड़कें जलमग्न हैं, TIDCO कॉलोनी में पानी पहुंच गया है और खेतों में भी जलभराव की स्थिति है.