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'किसी और को भी धन्यवाद देंगे या नहीं...', अखिलेश यादव ने पर्यटन मंत्री को क्यों टोका

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को सदन में टोक दिया. गजेंद्र सिंह शेखावत महात्मा बुद्ध की अस्थियों की भारत वापसी को लेकर एक सवाल का जवाब देने के बाद बैठ गए थे.

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भगवान बुद्ध के अवशेष की स्वदेश वापसी पर अखिलेश ने मंत्री को घेरा (Photo: ITG)
भगवान बुद्ध के अवशेष की स्वदेश वापसी पर अखिलेश ने मंत्री को घेरा (Photo: ITG)

लोकसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को टोक दिया. पर्यटन मंत्री लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान जब भगवान बुद्ध की अस्थियों से संबंधित प्रश्न का जवाब देने के बाद बैठ गए, अखिलेश यादव ने उन्हें टोकते हुए कहा कि माननीय सदस्य और माननीय मंत्री जी से सहमत हूं, कि कुछ अच्छा काम कर रहे हैं. लेकिन धन्यवाद में कंजूसी क्यों

 उन्होंने कहा कि क्या माननीय मंत्री जी और सांसद जी को किसी और का भी धन्यवाद देना चाहिए कि नहीं चाहिए, जब भगवान बुद्ध की इतनी पुरानी लौट के आई है. किसी और को भी धन्यवाद देना चाहिए कि नहीं, माननीय मंत्री जी से जानना चाहता हूं. इस पर पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि उसे लाने में जितने भी लोगों ने सहयोग किया, अखिलेश ने फिर टोका और पूछा कि जितने भी लोगों ने सहयोग किया उनको धन्यवाद देंगे कि नहीं देंगे.

इस पर पर्यटन मंत्री शेखावत ने कहा कि माननीय अध्यक्ष का चाबुक मेरी कमर पर था कि जल्दी से समाप्त करूं. मैं डरते-डरते उनकी तरफ देखते-देखते बोल रहा था. पर्यटन मंत्री की इस बात पर चेयर से ओम बिरला भी अपनी हंसी नहीं रोक सके. गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि इसने भारत में एक नए मॉडल की स्थापना की है. हमने एक पीपीपी पर एग्रीमेंट किया. गोदरेज समूह को हमने उसके उद्घाटन के समय पर भी सम्मानित किया और उसके बाद में भी सम्मानित किया.

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उन्होंने कहा कि हम धन्यवाद करते हैं गोदरेज समूह का, जिन्होंने एक फोन कॉल पर अपने कोष में से पैसा देकर के इस सांस्कृतिक संपत्ति के संरक्षण के लिए सहयोग किया. यह केवल एक काम नहीं, एक नए युग की शुरुआत है जहां हम मिलकर के इस तरह के विषयों पर काम कर सकते हैं. दरअसल, बीजेपी के सांसद जगदंबिका पाल ने भगवान बुद्ध से जुड़े दुर्लभ रत्नों की नीलामी का जिक्र करते हुए कहा कि सिद्धार्थनगर के पिपरहवा स्तूप की खुदाई हुई थी राजा शुद्धोधन की राजधनी.

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उन्होंने कहा कि विलियम क्लैक्सटन पेप्पे खुदाई के बाद जो रैलिक्स थे, वो लेकर के गए और हांगकांग में ऑक्शन हो रहा था. इस सरकार की पहल से वो गौतमबुद्ध की अस्थियां सब वापस आई हैं. इस पहल के लिए बहुत आभार व्यक्त करता हूं और चाहता हूं कि वह जो स्थली है, पिपरहवा कपिलवस्तु, उसको यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने पर विचार किया जाएगा. इसके जवाब में गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सदस्य को धन्यवाद करता हूं कि भारत देश के रूप में यह बहुत बड़ी सफलता थी.

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उन्होंने कहा कि हम भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष और उनको समर्पित किए गए रत्न, ऐसे रत्न जो खुदाई में आज से 128 साल पहले निकले थे. मंत्री शेखावत ने कहा कि इनको दो हिस्सों में बांटकर एक हिस्सा खुदाई करने वाले को दे दिया गया था, उसको भारत सरकार के प्रयास के चलते और प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन के चलते हम भारत लाने में कामयाब हुए हैं.

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उन्होंने कहा कि किला राय पिथौरा में कुतुब कॉम्प्लेक्स में हमने बहुत सुंदर एग्जिबिशन बनाया है. पर्यटन मंत्री ने कहा कि भारत लौटे हिस्से के साथ ही खुदाई में मिला आधा हिस्सा जो इंडिया म्यूजियम में लॉक था, उसे भी उसमें मिलाया गया है. जितने भी लोग वहां होकर आए हैं, उनके मन में भारत के प्रति गौरव का बोध हुआ है.

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