लोकसभा में सोमवार को रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई. चर्चा के दौरान सहारनपुर से कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन का नाम मां शाकुंभरी देवी के नाम पर करने की मांग की. उन्होंने कहा कि सहारनपुर एक ऐतिहासिक शहर है. वहां मां शाकुंभरी देवी का निवास है. सहारनपुर रेलवे स्टेशन का नामकरण मां शाकुंभरी देवी के नाम पर कर दिया जाए.
कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि देवबंद रेलवे स्टेशन का नामकरण स्वतंत्रता सेनानी मौलाना हुसैन अहमद मदनी के नाम पर किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि रेल मंत्री ने प्रभारी के रूप में सहारनपुर के लिए जो वादे किए थे, वे वादे पूरे कर दें. इमरान मसूद ने कहा कि हम सहारनपुर के लोग उनके (रेल मंत्री के) बड़े आभारी रहेंगे.
उन्होंने आगे कहा कि सहारनपुर से इलाहाबाद की दूरी 750 किलोमीटर है. इलाहाबाद में हाईकोर्ट है और वहां जाने के लिए सहारनपुर से कोई सीधी ट्रेन नहीं है. सीधी ट्रेन चलाई जाए. इमरान मसूद ने कहा कि राजस्थान, पंजाब के हाईकोर्ट सहारनपुर से करीब हैं और अपने हाईकोर्ट के मुकाबले वहां पहुंचना ज्यादा आसान और सुविधाजनक है. उन्होंने रैपिड रेल का भी मुद्दा उठाया.
यह भी पढ़ें: 'ज्यादा लोग शादियां करेंगे...', इनकम टैक्स पर बोलते-बोलते राज्यसभा में ऐसा क्यों बोले राघव चड्ढा
इमरान मसूद ने यह मांग भी की है कि सहारनपुर से वाया अलीगढ़ लखनऊ के लिए वंदे भारत ट्रेन चलाई जाए, जिससे अलीगढ़ में पढ़ने वाले छात्रों को भी इसका लाभ मिल सके. उन्होंने रैपिड रेल को भी मेरठ से बढ़ाकर सहारनपुर तक करने की मांग की और रेलवे में बढ़ते ठेका सिस्टम पर भी अपना विरोध जाहिर किया. इमरान मसूद ने कहा कि रतलाम से राजधानी एक्सप्रेस में सफर किया.
यह भी पढ़ें: '...ये पॉलिसी की कमजोरी' राज्यसभा में खड़गे ने उठाया LPG का मुद्दा, नड्डा का पलटवार
उन्होंने कहा कि राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली तक आया. 20 साल में केवल दूसरी बार राजधानी में यात्रा की. इमरान मसूद ने कहा कि जो देखा, राजधानी का हाल 20 साल पहले कहीं ज्यादा बेहतर था. उन्होंने कहा कि जब से व्यवस्था प्राइवेट हाथ में गई, वह खराब हो गई है.