दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट समिट में शर्टलेस विरोध प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को सत्र अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसने चिब की जमानत को रोक दिया था.
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस सौरभ बनर्जी की सिंगल बेंच ने आईवाईसी अध्यक्ष की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सत्र अदालत के आदेश पर कड़ा ऐतराज जताया.
HC ने सत्र अदालत को लगाई फटकार
उन्होंने कहा, 'जमानत रोकने जैसे किसी भी आदेश में दिमाग का इस्तेमाल होना चाहिए. यदि कोई आवेदन ऑफ माइंड नहीं है तो आदेश पर रोक लगानी होगी.'
कोर्ट ने सत्र न्यायालय के आदेश की आलोचना करते हुए कहा कि आखिर किस आधार पर इस मामले को 'दुर्लभ और असाधारण' माना गया, जबकि आदेश में इसके पीछे कोई ठोस कारण या फाइंडिंग नहीं दी गई थी.
न्यायमूर्ति बनर्जी ने पूछा कि इस आदेश में तर्क कहां है? आप पहला पृष्ठ देखिए. अगला पृष्ठ पलटिए. वहां तर्क या निष्कर्ष कहां है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना तर्कों के दिए गए ऐसे आदेशों पर रोक लगाना जरूरी है.
अपने आदेश में सत्र न्यायालय ने कहा था, 'जब न्यायालय जमानत देने वाले आदेश पर एकतरफा अंतरिम रोक लगाने की शक्ति का प्रयोग करता है तो न्यायालय का ये कर्तव्य है कि वह उन कारणों को दर्ज करे कि वह इस निष्कर्ष पर क्यों पहुंचा कि ये एक बहुत ही दुर्लभ और असाधारण मामला था, जहां एकतरफा अंतरिम रोक का कठोर आदेश देना उचित था.'
'औपचारिकताएं पूरी होते ही होगी रिहाई'
हाईकोर्ट द्वारा चिब की जमानत बहाल किए जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए उनके वकील ने कहा, 'वो हाईकोर्ट के आदेश की फिजिकल कॉपी का इंतजार कर रहे हैं. औपचारिकताएं पूरी होते ही आईवाईसी (IYC) अध्यक्ष को जेल से रिहा कर दिया जाएगा. उम्मीद है कि वह सोमवार को जेल से रिहा हो सकते हैं.'
क्या है मामला
दरअसल, 20 फरवरी को इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने एआई समिट के वेन्यू में घुसकर नाटकीय प्रदर्शन किया था. प्रदर्शनकारियों ने अपनी शर्ट उतारकर ऐसी टी-शर्ट दिखाई थीं, जिन पर पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीरें छपी थीं. इस टी-शर्ट पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील, एपस्टीन फाइल्स समेत कई आपत्तिजनक नारे लिखे थे.
इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की धक्का-मुक्की भी हुई थी. इसी मामले में उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया गया था और 24 फरवरी को उन्हें चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया था.