महाराष्ट्र में दशहरा रैली के मंच से UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक-दूसरे पर निशाना साधा. उद्धव ठाकरे ने मुंबई के शिवाजी पार्क में, जबकि एकनाथ शिंदे ने गोरेगांव के नेस्को सेंटर में दशहरा रैली की. उद्धव ने किसानों की परेशानी, वोटर लिस्ट से नाम कटने और मराठी पहचान का मुद्दा उठाते हुए राज्य सरकार को घेरा. उन्होंने सवाल किया कि अगर गलत काम हो रहे हैं, तो रिजीम चेंज क्यों नहीं होना चाहिए? जवाब में शिंदे ने कहा कि सत्ता में किसे रहना है, यह जनता तय करती है. उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन INDIA पर भी हमला बोला.
दोनों नेताओं के भाषणों में किसानों की हालत से लेकर चुनाव प्रक्रिया तक कई मुद्दे उठे. उद्धव ने सरकार से सवाल किए, जबकि शिंदे ने अपनी सरकार के काम गिनाए. दोनों ने एक-दूसरे के राजनीतिक फैसलों पर भी निशाना साधा.
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा?
उद्धव ठाकरे ने शिवाजी पार्क में दशहरा रैली के दौरान कहा कि कोई उनका नाम और पहचान नहीं छीन सकता. उन्होंने बताया कि शिवाजी पार्क नाम के 100 साल पूरे हो रहे हैं. इसी साल बालासाहेब ठाकरे की 100वीं जयंती भी है. इस दौरान उन्होंने लोगों से बदलाव के लिए खड़े होने की अपील की. उनका कहना था कि बदलाव लाने के लिए लोगों को खुद आगे आना होगा.
किसानों की परेशानी पर सरकार से सवाल
उद्धव ने कहा कि महाराष्ट्र में सूखे का संकट किसानों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है, लेकिन सरकार सिर्फ नारे लगा रही है और वादे कर रही है. उन्होंने पिछले साल भारी बारिश से हुए नुकसान का जिक्र किया. सवाल उठाया कि सरकार ने 31 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया था, लेकिन किसानों को क्या मिला? इस साल घोषित कर्जमाफी पर भी उन्होंने सवाल किए.
अपनी बात रखने के लिए उद्धव ने परभणी जिले के जरी गांव के 14 साल के युवराज का उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कि युवराज स्कूल की यात्रा पर जाना चाहता था. उसके पिता ने नए कपड़े दिलाने का वादा किया था, लेकिन सोयाबीन नहीं बिकने के कारण परिवार के पास पैसे नहीं थे. उद्धव ने कहा कि किसान परेशान हैं और उनके पास खर्च चलाने तक के पैसे नहीं बचे हैं.
पुलिस, वोटर लिस्ट और मराठी पहचान का मुद्दा
उद्धव ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले का जिक्र कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि हथियार लेकर हमलावर शहर में कैसे पहुंचे और पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई. इस परा उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है, तो साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई को महाराष्ट्र लाकर दिखाएं.
तिरंगा यात्रा में शामिल युवाओं को हिरासत में लेने पर भी उद्धव ने आपत्ति जताई. उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत से सवाल किया कि तिरंगा फहराना गलत नहीं है, तो ऐसा करने वाले युवाओं को क्यों रोका जा रहा है? दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं, खासकर महिलाओं के साथ पुलिस के व्यवहार पर भी उन्होंने सवाल उठाए.
उद्धव ने दावा किया कि करीब 1.3 करोड़ वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं. उनके मुताबिक, एक सैनिक की पत्नी का नाम भी वोटर लिस्ट से कट गया. इस पर उन्होंने चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब दूसरे मामलों में कार्रवाई हुई, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
मराठी पहचान पर उद्धव ने कहा कि महाराष्ट्र की अस्मिता से कोई समझौता नहीं होगा. गृह मंत्री अमित शाह के महाराष्ट्र को बहुभाषी राज्य बताने का जिक्र करते हुए उन्होंने शिंदे पर आरोप लगाया कि उन्होंने मराठी लोगों के अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठाई. इसके अलावा, उद्धव ने यह भी कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले की किताबों को पढ़ाई से हटाने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा.
एकनाथ शिंदे ने क्या जवाब दिया?
एकनाथ शिंदे ने अपनी दशहरा रैली में किसानों की मदद का जिक्र करते हुए कहा कि शिवसेना के 60 साल पूरे हो रहे हैं और पार्टी अपनी परंपरा को आगे बढ़ा रही है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए पार्टी के लोगों को अपने-अपने इलाकों में रहकर किसानों की मदद करने को कहा गया है.
किसानों के लिए मदद का दावा
शिंदे ने कहा कि सरकार ने सूखे की घोषणा की है और किसानों को तत्काल राहत के तौर पर 5,000 रुपये दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि किसानों के लिए 100 ट्रक दिवाली किट भेजी गई हैं. शिंदे के मुताबिक, किसानों को सूखे से राहत दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के बच्चों की शादी में मदद की जिम्मेदारी शिवसेना ने ली है.
शिंदे ने कहा कि उनकी सरकार आरोपों का जवाब काम से देगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने बतया कि प्रधानमंत्री ने किसानों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है. इसके अलावा, उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब किसान परेशान हैं, तब मुंबई में प्रदर्शन किए जा रहे हैं.
राहुल गांधी, कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर हमला
शिंदे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने की आलोचना की. उन्होंने इसे देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था का अपमान बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष एक तरफ संविधान की बात करता है, दूसरी तरफ संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाता है.
वोट चोरी के आरोपों पर शिंदे ने कहा कि असली वोट चोरी 2019 में हुई थी. महा विकास अघाड़ी के साथ सरकार बनाने को उन्होंने धोखा बताया. कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने 70 साल तक देश को लूटा और बूथ कैप्चरिंग की. INDIA गठबंधन को शिंदे ने दस सिर वाला रावण बताया.
EVM पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में शिंदे ने पूछा कि अगर मशीनों में गड़बड़ी थी, तो विपक्ष के सांसद कैसे चुने गए? रिजीम चेंज की मांग पर शिंदे ने कहा कि सरकार किसकी बनेगी, इसका फैसला जनता करती है. इसके अलावा, उद्धव पर तंज कसते हुए बोले कि उन्हें अपनी ही पार्टी में हुए रिजीम चेंज का पता नहीं चला.
दोनों नेताओं के भाषणों में किसानों की परेशानी, चुनाव प्रक्रिया और महाराष्ट्र की पहचान अहम मुद्दे रहे. उद्धव ने सरकार से जवाब मांगे, जबकि शिंदे ने अपनी सरकार के काम गिनाते हुए विपक्ष पर सवाल उठाए.
इनपुट: राहुल गायकवाड़