महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में बाघ के हमलों का सिलसिला लगातार जारी है. महज 24 घंटे के अंदर दो लोगों की मौत से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है. बाघ के हमले में पहले पळसगाव के किसान नानाजी नारायण कामडी की मौत के बाद भेंडारा गांव की प्रमिला महाडोरे की भी जान चली गई. प्रमिला महाडोरे भेंडारा गांव की आंगनवाड़ी में कार्यरत थीं. रविवार को छुट्टी होने के कारण वह अपने पति के साथ अपने खेत में तिल और सब्जियों की कटाई करने गई थीं.
इसी दौरान उनके पति खेत के दूसरे हिस्से में फसल को पानी दे रहे थे. तभी घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक प्रमिला पर हमला कर दिया. कुछ समय बाद जब पत्नी दिखाई नहीं दी तो उसके पति को चिंता हुई तो मृतका के पति ने आवाज लगानी शुरू की और खेत में तलाश शुरू कर दी. शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गये. सभी ने मिलकर प्रमिला को ढूंढना शुरू किया. तलाश के दौरान धान की फसल में प्रमिला का शव मिला. शव मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए.
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. वन विभाग की टीम ने इलाके में बाघ की मूवमेंट पर नजर रखनी शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि प्रमिला महाडोरे की एक बेटी हैं. इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं. आंगनवाड़ी में काम करने वाली प्रमिला महाडोरे की इस तरह मौत से हर कोई हैरान है.
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन-चार दिनों से पळसगाव जाट, भेंडारा और खातगांव क्षेत्र में बाघ की मूवमेंट को देखा जा रहा है. ग्रामीणों ने कई बार बाघ के पैरों के निशानों और उसकी मौजूदगी को देखा हैं. लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है. लोग अब खेतों में जाने से भी डर रहे हैं. शाम होते ही गांव में सन्नाटा छा जाता है. अब गांव के लोगों की सुरक्षा और बाघ के बंदोबस्त को लेकर वन विभाग की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं. ग्रामीणों ने मांग की है कि बाघ को जल्द पकड़ा जाए और इलाके में गश्त बढ़ाई जाए ताकि आगे किसी और की जान न जाए.