पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस आज शनिवार को वडगांव मावल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने जा रही है. पुणे ग्रामीण पुलिस की यह चार्जशीट 2 हजार से ज्यादा पन्नों की होगी. इसमें लोहागढ़ से जुटाए गए फोरेंसिक और तकनीकी सबूत शामिल होंगे.
पुलिस ने मामले में तीन चश्मदीद गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं. इन गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने CrPC की धारा 164 के तहत दर्ज हुए हैं. पुलिस के मुताबिक, गवाहों ने बताया है कि उन्होंने चेतन चौधरी और सिया गोयल को केतन अग्रवाल को धक्का देते हुए देखा था.
दरअसल, पुलिस ने करीब दो हफ्ते पहले चेतन चौधरी के दोस्त रितेश हांगे को भी गिरफ्तार किया था. पुलिस का आरोप है कि वह कथित साजिश में शामिल था. जांचकर्ताओं के मुताबिक, रितेश को इस कथित प्लान की जानकारी थी. अब चार्जशीट में पुलिस जांच के दौरान जुटाए गए फोरेंसिक, तकनीकी और गवाहों से जुड़े सबूतों की जानकारी दी जाएगी.
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क्या था पूरा मामला?
दरअसल, केतन अग्रवाल पुणे के रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी थे. 18 जून को उनकी लोहागढ़ किले से गिरने के बाद मौत हो गई थी. शुरुआत में इसे हादसा माना गया था. केतन की मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस को बताया था कि वह फोटो लेते समय संतुलन बिगड़ने से खाई में गिर गए. बाद में जांच में पुलिस को शक हुआ कि यह हादसा नहीं था.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सिया ने कथित तौर पर अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को खाई में धक्का देने की साजिश रची थी.
पुलिस के मुताबिक, 18 जून से पहले भी केतन को मारने की कोशिश की गई थी. जांच में 14 जून की एक कथित कोशिश का जिक्र सामने आया. पुलिस का दावा है कि इसके बाद 18 जून को लोहागढ़ में दूसरी कोशिश की गई.
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जांच में सिया और चेतन के बीच लगातार बातचीत, कथित प्लानिंग और लोहागढ़ से जुड़े डिजिटल सबूत भी सामने आने की बात कही गई है. दोनों पर केतन की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. अब पुलिस की चार्जशीट में इस मामले से जुड़े सभी सबूत और गवाहों के बयान शामिल किए जाएंगे. कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद केस की आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी.