पालघर के नवली-भीमाईनगर इलाके में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. यहां दो मकानों की दीवारों के बीच एक फुट से भी कम चौड़ी संकरी जगह में 70 वर्षीय बुजुर्ग फंस गए. उनकी चीख-पुकार सुनकर परिजनों को घटना का पता चला. इसके बाद पालघर नगर परिषद के अग्निशमन दल ने करीब दो घंटे तक कड़ी मशक्कत करते हुए दीवार तोड़कर बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाला.
मिली जानकारी के अनुसार पालघर पूर्व के नवली-भीमाईनगर निवासी विनोद विष्णु जाधव (70) मंगलवार तड़के अचानक अपने घर में नहीं मिले. परिजनों ने उनकी तलाश में पूरे इलाके की खाक छान मारी, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला. इसी बीच घर के पास स्थित दो दीवारों के बीच से किसी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी. जब परिजनों और स्थानीय लोगों ने वहां जाकर देखा तो विनोद जाधव दो मकानों की दीवारों के बीच बेहद संकरी जगह में बुरी तरह फंसे हुए थे.
जगह इतनी संकरी थी कि परिजनों और स्थानीय नागरिकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बाहर निकालना संभव नहीं हो पा रहा था. आखिरकार मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे अग्निशमन दल को इसकी सूचना दी गई. सूचना मिलते ही पालघर नगर परिषद का अग्निशमन दल और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा.
थोड़ी सी चूक और जा सकती थी बुजुर्ग की जान
बुजुर्ग जिस जगह फंसे हुए थे, वहां से उन्हें सीधे बाहर निकालना लगभग असंभव था. ऐसे में अग्निशमन दल के जवानों ने सूझबूझ दिखाते हुए एक मकान की दीवार तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया. करीब दो घंटे तक चले अथक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार विनोद जाधव को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. इसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए पालघर के अस्पताल में भर्ती कराया गया.
इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को पालघर नगर परिषद अग्निशमन दल के लीडिंग फायरमैन रुचित दवणे, वाहन चालक निलेश पाटील, फायरमैन संकेत पाटील, रुपेश पामाले और मोहनिष पागधरे ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया.
एक फुट से भी कम चौड़ी जगह में फंसे बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अग्निशमन दल के जवानों द्वारा दिखाई गई सूझबूझ, तत्परता और साहस की हर तरफ सराहना हो रही है.