महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एशियन अस्पताल में शुक्रवार तड़के आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. आकाशवाणी चौक स्थित अस्पताल की पहली मंजिल पर करीब 2:10 बजे आग लगी. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष यानी एनआईसीयू के एसी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी. जिस वक्त आग लगी, पहली मंजिल पर कुल 58 मरीज भर्ती थे. इनमें 9 नवजात, 36 जनरल वार्ड के मरीज और 13 स्पेशल रूम के मरीज शामिल थे.
आग की सूचना मिलते ही अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया. जवाहरनगर पुलिस, आरसीपी जवान और दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची. दमकल की दो गाड़ियां भेजी गईं. हालांकि, अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था और कर्मचारियों की तत्परता के चलते दमकल टीम के पहुंचने से पहले ही आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था.
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सभी 58 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला
आग के बाद कई एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल की पहली मंजिल पर भर्ती सभी 58 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. एनआईसीयू में भर्ती 9 नवजातों को भी तुरंत दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया. इनमें 5 बच्चों को घाटी अस्पताल, 3 को एमजीएम अस्पताल और एक बच्चे को संजीवनी अस्पताल भेजा गया.
स्टाफ की ट्रेनिंग से टला बड़ा हादसा
अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर शोएब हाशमी ने बताया कि स्टाफ को फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग दी गई है. इसी ट्रेनिंग की वजह से कर्मचारियों ने आग लगते ही तुरंत कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी.
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अस्पताल की सेवाएं दोबारा शुरू
अस्पताल प्रशासन फायर एनओसी से जुड़े दस्तावेज नगर निगम को भेज रहा है. सुरक्षा के लिहाज से अस्पताल के बाहर पुलिस तैनात की गई है. फिलहाल अस्पताल की सेवाएं दोबारा शुरू कर दी गई हैं. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. राहत की बात है कि हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.