scorecardresearch
 

डिनर डिप्लोमेसी की राह पर फडणवीस... Gen Z के असंतोष के बीच महायुति में सुलह की कवायद

महाराष्ट्र में Gen Z युवाओं के बढ़ते विरोध के बीच महायुति गठबंधन अपने भीतर के मतभेद दूर करने में लगा है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गठबंधन नेताओं के साथ बैठक कर लंबित मुद्दों जैसे मंत्रियों की नियुक्ति, फंड बंटवारे और सरकारी पदों पर नियुक्ति के फॉर्मूले पर सहमति बनाई है.

Advertisement
X
महाराष्ट्र में महायुति के सहयोगियों को साधने में सीएम देवेंद्र फडणवीस जुट गए हैं
महाराष्ट्र में महायुति के सहयोगियों को साधने में सीएम देवेंद्र फडणवीस जुट गए हैं

महाराष्ट्र में युवाओं, खासकर Gen Z के बीच बढ़ते असंतोष और हालिया विरोध प्रदर्शनों के बीच सत्ता पर काबिज महायुति अपने सहयोगी दलों के साथ मतभेद दूर करने में जुट गई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गठबंधन के भीतर लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक और प्रशासनिक विवादों को सुलझाने की कवायद तेज कर दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हाई लेवल मीटिंग्स के बाद महाराष्ट्र में महायुति के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.

इस कवायद के तहत रायगढ़ और नासिक में लंबे समय से रुकी हुई मंत्रियों की नियुक्ति, जिला योजना और विकास समिति (DPDC) के फंड के बंटवारे का फॉर्मूला और विभिन्न सरकारी निगमों में करीब 170 पदों पर नियुक्तियों जैसे मुद्दों को सुलझाने की तैयारी है. निगमों में पदों का बंटवारा गठबंधन में शामिल पार्टियों की विधानसभा में संख्या के अनुपात के आधार पर किए जाने की योजना है.

फडणवीस के घर हुई 'डिनर डिप्लोमेसी'

महायुति के भीतर मतभेद खत्म करने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री फडणवीस के आधिकारिक आवास 'वर्षा' पर देर रात गठबंधन नेताओं की बैठक हुई. डिनर के दौरान हुई इस बैठक में महायुति के नेताओं के बीच लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई और गठबंधन को एकजुट रखने पर सहमति बनी.

महाराष्ट्र बीजेपी के नेता चंद्रशेखर बावनकुले के मुताबिक, महायुति के सभी सहयोगी आने वाली विधान परिषद शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों के साथ स्थानीय निकाय चुनाव भी मिलकर लड़ेंगे. यानी बीजेपी और उसके सहयोगी फिलहाल चुनावी मैदान में एकजुट होकर उतरने की रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं.

Advertisement

यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले बीजेपी भविष्य के चुनावों में अपनी स्वतंत्र ताकत बढ़ाने की दिशा में तैयारी कर रही थी. हालांकि, हाल के राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों के बीच अब पार्टी गठबंधन को मजबूत रखने को प्राथमिकता देती दिखाई दे रही है.

Gen Z के विरोध के बाद बदली रणनीति?

यह कवायद ऐसे समय हो रही है जब युवाओं के विभिन्न समूहों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों ने सरकार पर दबाव बढ़ाया है. इन प्रदर्शनों में संस्थागत जवाबदेही और सरकारी व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए हैं. Cockroach Janta Party जैसे समूहों के अभियानों ने भी युवाओं के बीच इन मुद्दों को आगे बढ़ाया है.

इस बदलते माहौल के बीच केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी नेतृत्व अपनी प्राथमिकताओं की समीक्षा करता दिखाई दे रहा है. मुख्यमंत्री फडणवीस और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की ओर से अलग-अलग मंत्रालयों के प्रदर्शन की समीक्षा किए जाने की बात सामने आई है.

शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर बढ़ेगा फोकस

सरकार का जोर अब बड़े और ज्यादा दिखाई देने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण, सामाजिक योजनाओं और महिला विकास जैसे बुनियादी क्षेत्रों पर बढ़ाने की रणनीति है.

खास तौर पर शिक्षित और शहरी मध्यवर्गीय मतदाताओं तथा युवाओं की अपेक्षाओं को लेकर सरकार ज्यादा सतर्क दिखाई दे रही है. इन वर्गों के बीच केवल राजनीतिक संदेश के बजाय सरकारी सेवाओं और व्यवस्थागत सुधारों की मांग को अहम माना जा रहा है.

Advertisement

राष्ट्रीय स्तर पर भी बीजेपी की सोशल मीडिया रणनीति और संगठनात्मक ढांचे में संभावित बदलावों को लेकर मंथन चल रहा है. महाराष्ट्र इस बदलती राजनीतिक रणनीति का अहम केंद्र बनता दिखाई दे रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में महायुति के भीतर गठबंधन प्रबंधन के साथ सरकार और संगठन के स्तर पर कुछ और बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement