केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल कोर्ट में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. चार्जशीट में व्हाट्सऐप चैट, तस्वीरें, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), गवाहों के बयान और तकनीकी विश्लेषण से जुड़े सर्टिफिकेट शामिल किए गए हैं. पुलिस ने मामले में करीब 80 से 85 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं. इस चार्जशीट में चेतन के एक दोस्त को भी आरोपी बनाया गया है. उसका नाम रितेश है. सिया-चेतन ने पहले केतन मर्डर के लिए सुपारी भी दी थी.
इनमें तीन ऐसे गवाह भी शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर वारदात के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी को देखा था. इन तीनों गवाहों के बयान CrPC की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए हैं.
चार्जशीट में सोनम रघुवंशी मर्डर केस भी सर्च करने का जिक्र
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सिया ने 2025 में लोहागढ़ में हुई इसी तरह की एक घटना के बारे में ऑनलाइन सर्च किया था. उस घटना में एक महिला की मौत हो गई थी. चार्जशीट में सोनम रघुवंशी मर्डर केस से संबंधित ऑनलाइन सर्च का भी जिक्र किया गया है.
इसके अलावा मोबाइल फोन डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड समेत कई डिजिटल और तकनीकी सबूत चार्जशीट का हिस्सा बनाए गए हैं. पुलिस ने दस्तावेजी और गवाहों के बयानों से जुड़े सबूतों को भी चार्जशीट में शामिल किया है. कुल 5,053 पन्नों की यह चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई है.
रितेश हांगे तीसरा आरोपी
इस चार्जशीट में जो सबसे अहम बात सामने आई है, वह है कि केतन अग्रवाल मर्डर केस में रितेश हांगे नाम का एक और शख्स तीसरा आरोपी है और वह चेतन का दोस्त है. रितेश हांगे का बेंगलुरु में एक दोस्त है, जिसके जरिए कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या कराने की कोशिश की गई थी. हालांकि, यह प्लान अमल में नहीं आ सका. पुलिस ने अब बेंगलुरु में रहने वाले रितेश के इस दोस्त को मामले में गवाह बनाया है.
पुणे के कैफे में रितेश से मिला था चेतन
18 सितंबर को चेतन और रितेश हांगे की पुणे के इंजीनियर्स कैफे में मुलाकात हुई थी. इस मुलाकात के दौरान चेतन ने कथित तौर पर रितेश को बताया था कि केतन अग्रवाल की हत्या कर दी गई है और उनका प्लान सफल रहा.
पुलिस की जांच के मुताबिक, रितेश हांगे हत्या की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल था. आरोप है कि उसने चेतन और सिया के साथ मिलकर केतन की हत्या की योजना बनाने में मदद की थी.
पुलिस ने पिछले महीने आरोपियों की पहचान परेड भी कराई थी. पुलिस के मुताबिक, इस दौरान गवाहों ने आरोपियों की पहचान की थी.
25 मई को चेतन और सिया ने लिया था केतन की हत्या का फैसला
पुलिस जांच के अनुसार, 25 मई को चेतन और सिया ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल की हत्या करने का फैसला किया था. इसके बाद 31 मई को सिया कथित तौर पर पहली बार लोणावला के लोहागढ़ में जगह की रेकी करने गई थी.
17 तारीख को सिया और चेतन एक कैफे में मिले, जहां दोनों ने कथित तौर पर हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया. इसके अगले दिन यानी 18 तारीख को लोहागढ़ में सिया कथित तौर पर चट्टान के किनारे बैठी और उसने केतन के पैरों को धक्का दिया, जबकि चेतन ने कथित तौर पर उसे पीछे से धक्का दिया. आसपास पकड़ने के लिए कोई सहारा नहीं होने के कारण केतन संतुलन खो बैठा और नीचे गिर गया.
लोहागढ़ में केतन की कथित तौर पर हत्या करने के बाद चेतन पुराने मुंबई-पुणे हाईवे पर पहुंचा. वहां उसने नाश्ता किया और इसके बाद पुणे की ओर निकल गया.
चेतन-सिया ने डिलीट कर दी थी चैट
वारदात को अंजाम देने से पहले चेतन और सिया ने कथित तौर पर अपनी व्हाट्सऐप चैट डिलीट कर दी थी. हालांकि, पुलिस ने बाद में इंस्टाग्राम और स्नैपचैट से दोनों की चैट बरामद की.
हत्या से पहले सिया ने कथित तौर पर एक मोबाइल फोन भी तोड़ दिया था. पुलिस जांच में सामने आया कि इस फोन का इस्तेमाल हत्या से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन सर्च करने के लिए किया गया था. इसमें केतन अग्रवाल को कैसे मारा जाए, इससे संबंधित सर्च भी शामिल थे. पुलिस ने बाद में क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन सिया के बेडरूम से बरामद किया.