महाराष्ट्र के चंद्रपुर में प्रेम संबंधों का ऐसा खौफनाक अंत हुआ कि हत्या के बाद आरोपी तीन दिन तक राज छिपाए रहा. फिर अचानक खुद पुलिस थाने पहुंचा और पूरी वारदात की जानकारी दे दी. पुलिस के मुताबिक, 49 वर्षीय संतोष साखरकर ने कथित प्रेमिका की गला दबाकर हत्या की. इसके बाद महिला के सीने पर पत्थर से वार किया और शव कार की डिक्की में रख लिया. वह एक दिन तक शव को कार में लेकर शहर में घूमता रहा. अगले दिन करीब 160 किलोमीटर दूर नागपुर जिले के हिंगणा पहुंचा और एक मकान के परिसर में पानी की टंकी के लिए खोदे गए गड्ढे में शव दफना दिया. यह मामला 14 अक्टूबर का है. हत्या के तीन दिन बाद 17 अक्टूबर को संतोष खुद चंद्रपुर शहर पुलिस थाने पहुंचा और अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने हिंगणा में खुदाई कराई, जहां महिला का शव बरामद हुआ. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.
पुलिस इंस्पेक्टर श्याम गव्हाणे के मुताबिक, तुकूम निवासी संतोष साखरकर विवाहित है. पिछले तीन से चार वर्षों से उसका एक विवाहित महिला के साथ कथित प्रेम संबंध था. दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था. पुलिस के अनुसार, महिला कथित तौर पर संतोष पर लगातार साथ रहने और केवल उसी से बातचीत करने का दबाव बनाती थी. परिवार और बच्चों को समय देने की बात पर भी दोनों के बीच तनाव रहता था. इसी तनाव के बीच 14 अक्टूबर को दोनों आरवट जंगल क्षेत्र में मिलने पहुंचे. यहां किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया. पुलिस के मुताबिक, गुस्से में संतोष ने महिला का हाथों से गला दबा दिया. जब उसे यह स्पष्ट नहीं हुआ कि महिला की मौत हुई है या नहीं, तो उसने उसके सीने पर पत्थर से वार किया. इसके बाद महिला की मौत हो गई.
शव डिक्की में रखा, पूरे दिन शहर में घूमता रहा
हत्या के बाद संतोष के सामने शव को ठिकाने लगाने की चुनौती थी. पुलिस इंस्पेक्टर श्याम गव्हाणे के मुताबिक, आरोपी ने महिला का शव अपनी कार की डिक्की में रखा. लेकिन उसे समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या करना चाहिए. इसी उधेड़बुन में वह पूरे दिन कार लेकर इधर-उधर घूमता रहा. एक तरफ हत्या की वारदात थी, दूसरी तरफ शव को छिपाने की कोशिश. आरोपी ने अगले दिन नागपुर जिले के हिंगणा जाने का फैसला किया. वहां आजाद नगरी क्रमांक-1 में एक मकान का परिसर था. पुलिस के अनुसार, उस जगह पानी की टंकी बनाने के लिए करीब 10 से 12 दिन पहले गड्ढा खोदा गया था. संतोष ने उसी गड्ढे में महिला के शव को दफना दिया. इसके बाद वह चंद्रपुर लौट आया. शव को दूर ले जाकर दफनाने के बावजूद वारदात का राज ज्यादा समय तक छिपा नहीं रह सका.
पुलिस के मुताबिक, 17 अक्टूबर को संतोष साखरकर खुद चंद्रपुर शहर पुलिस थाने पहुंचा. उसने पुलिस को बताया कि पिछले तीन से चार वर्षों से उसका महिला के साथ प्रेम संबंध था और 14 अक्टूबर को विवाद के बाद उसने उसकी हत्या कर दी थी. पुलिस इंस्पेक्टर श्याम गव्हाणे ने बताया कि आरोपी को लगातार अपने किए पर पछतावा हो रहा था. उसे महसूस हो रहा था कि उसने गलत काम किया है. इसी पछतावे के चलते उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी. हालांकि, आरोपी के कबूलनामे के बाद पुलिस ने केवल उसके बयान पर भरोसा नहीं किया. जानकारी की सत्यता की जांच करने और शव की बरामदगी के लिए पुलिस टीम हिंगणा पहुंची.
आरोपी से मिली जानकारी के बाद चंद्रपुर पुलिस ने हिंगणा में संबंधित मकान के परिसर में खुदाई कराई. पुलिस इंस्पेक्टर के मुताबिक, सरकारी पंचों, हिंगणा के तहसीलदार और नागपुर ग्रामीण के तहसीलदार की मौजूदगी में नियमानुसार कार्रवाई की गई. खुदाई के दौरान गड्ढे से महिला का शव बरामद हुआ. इसके बाद मृतका के बेटे ने शव की पहचान की. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने और मामले में जरूरी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की. इस तरह आरोपी की ओर से दी गई जानकारी की जांच के बाद पुलिस को शव बरामद करने में सफलता मिली. हत्या के बाद शव को कार में ले जाने और दूसरे जिले में दफनाने की पूरी घटना की कड़ियां अब पुलिस की जांच का हिस्सा हैं.
हत्या और सबूत मिटाने के मामले में गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर को संतोष साखरकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 103(1) और धारा 238 के तहत मामला दर्ज किया गया. धारा 103(1) हत्या से संबंधित है, जबकि धारा 238 अपराध के सबूत मिटाने या अपराध की जानकारी छिपाने से संबंधित है. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अब मामले से जुड़े घटनाक्रम और सबूतों की जांच कर रही है. फिलहाल इस मामले में आगे की जांच जारी है. चंद्रपुर की इस घटना में तीन से चार साल से चल रहे कथित प्रेम संबंध, लगातार विवाद, हत्या के बाद शव को कार में लेकर घूमना और करीब 160 किलोमीटर दूर दफनाना जैसे पहलू सामने आए हैं. तीन दिन बाद आरोपी का खुद थाने पहुंचना भी इस मामले का अहम घटनाक्रम है. अब पुलिस की जांच में वारदात से जुड़ी बाकी कड़ियों को स्पष्ट किया जाएगा.