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शिवाजी महाराज के बगल से PM की तस्वीर हटाने पर विवाद, राज ठाकरे के बेटे पर FIR

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे ने पुणे के एक सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाए जाने को लेकर विवादित बयान दिया है.

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राज ठाकरे के बेटे ने पॉलिटेक्निक कॉलेज से पीएम की तस्वीर हटाई है
राज ठाकरे के बेटे ने पॉलिटेक्निक कॉलेज से पीएम की तस्वीर हटाई है

महाराष्ट्र के पुणे में गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल के कार्यालय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हटाने के मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता और राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. अमित ठाकरे ने कॉलेज में छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के बगल में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगाए जाने पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद MNS कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी की तस्वीर वहां से हटा दी.

अमित ठाकरे सोमवार दोपहर करीब 1.30 बजे गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंचे थे. वह कॉलेज में छात्रों को दिए जा रहे खराब भोजन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को लेकर प्रबंधन से बात करने गए थे. इस दौरान उन्होंने खराब प्याज और खाने की अन्य सामग्री प्रिंसिपल की टेबल पर रखकर छात्रों को परोसे जा रहे भोजन और कॉलेज की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए.

इसी दौरान अमित ठाकरे की नजर प्रिंसिपल के कार्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर के बगल में लगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर पड़ी. उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए पीएम मोदी की तस्वीर हटाने को कहा. इसके बाद MNS कार्यकर्ताओं ने खुद प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर वहां से हटा दी.

'शिवाजी महाराज के बराबर किसी को नहीं रखा जा सकता'

अमित ठाकरे ने कहा, 'कॉलेज में छत्रपति शिवाजी महाराज के बगल में मोदी जी की तस्वीर लगाई गई थी. क्या आप मोदी जी को इस स्तर तक ले जाकर खड़ा कर रहे हैं? छत्रपति शिवाजी महाराज और बाबासाहेब आंबेडकर की तुलना मोदी जी से नहीं की जा सकती.'

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उन्होंने कहा कि सरकारी कॉलेजों में तस्वीरें लगाने को लेकर कोई प्रोटोकॉल हो सकता है, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज के बगल में प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर लगाया जाना उन्हें स्वीकार नहीं है.

FIR पर क्या बोले अमित ठाकरे?

मामले में FIR दर्ज होने के बाद अमित ठाकरे ने कहा कि उनके खिलाफ पहला मामला छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर किए गए आंदोलन के कारण दर्ज हुआ है और वह ऐसे कितने भी मामलों का सामना करने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा, 'छत्रपति शिवाजी महाराज की बराबरी कोई नहीं कर सकता. अगर कोई छत्रपति शिवाजी महाराज या डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के बारे में आपत्तिजनक बयान देता है तो उसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए हम हर तरह की कार्रवाई अपने ऊपर लेने को तैयार हैं.'

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