जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2016 की पैलेट गन पीड़िता इंशा मुश्ताक को राहत देते हुए उनकी रुकी हुई LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए ₹41.16 लाख जारी किए हैं. इस खबर को 'आजतक' ने प्रमुखता से उठाया था जिसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया और ₹41.16 लाख की बकाया राशि मंजूर की.
कश्मीर में पैलेट गन के खौफनाक चेहरे के रूप में सामने आई इंशा मुश्ताक ने हाल ही में 'आजतक' से खास बातचीत की थी. उन्होंने बताया था कि किस तरह 2016 में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा के दौरान, घर की खिड़की पर खड़े रहने के बावजूद उनके चेहरे पर पैलेट लग गई थी और उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई.
तत्कालीन बीजेपी-पीडीपी (BJP-PDP) सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इंशा की आजीविका के लिए एक गैस एजेंसी आवंटित करने का वादा किया था. लेकिन वादा कागजों तक सीमित रहा. इंशा पिछले 10 सालों से मंत्रियों, अधिकारियों और उपराज्यपाल तक के चक्कर लगाती रहीं, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई और वह पूरी तरह उम्मीद खो चुकी थीं.
यह भी पढ़ें: 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन में पैलेट गन चलाना कैसे सही?', सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद भड़के CJP प्रवक्ता सौरव दास
खबर चलते ही हरकत में आया प्रशासन
'आजतक' द्वारा शोपियां से इंशा मुश्ताक की आपबीती प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन की नींद टूटी. खबर के प्रसारित होने के अगले ही दिन राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सतीश शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के जरिए घोषणा की कि सरकार ने ₹41.16 लाख की शेष राशि जारी करने को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही इंशा की गैस एजेंसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है.
सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इंशा मुश्ताक ने खुशी जाहिर की और वर्षों तक उनका साथ देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इस कदम ने लंबे इंतजार के बाद एक नई उम्मीद जगाई है.
यह भी पढ़ें: 'अमित शाह ने पैलेट गन चलाने को कहा या फिर जानकारी नहीं थी... पीएम मोदी उन्हें हटाएं', राहुल गांधी का वार
राहत का स्वागत करने के साथ ही इंशा ने देशभर में पैलेट गन के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया. उन्होंने कहा, "जो दर्द और शारीरिक व मानसिक आघात मैंने झेला है, वह किसी और को न सहना पड़े. सरकार को तुरंत पूरे देश में पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगानी चाहिए."