जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में एक धार्मिक स्थल के अंदर तोड़फोड़ की घटना सामने आई है. घटना की सूचना मिलते ही हरकत में आए जिला प्रशासन ने एक टीम भेजकर मौके की तहकीकात कराई. अनंतनाग के डीसी ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने वाले उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने घटना की निंदा की है.
जानकारी के मुताबिक अनंतनाग के मट्टन में कश्मीरी पंडितों की कुल देवी बरघेशेखा भगवती माता का मंदिर है. 1 और 2 अक्टूबर की रात उपद्रवियों ने मंदिर में तोड़फोड़ की और सजावट को भी नुकसान पहुंचाया. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया. अनंतनाग के डिप्टी कमिश्नर डॉक्टर पीयूष सिंगला ने वरिष्ठ अधिकारियों की टीम को मौके पर भेजा.
अनंतनाग के डीसी ने वरिष्ठ अधिकारियों की टीम को मौके पर जाकर गहन जांच के निर्देश दिए थे. अधिकारियों के मुताबिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है. इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. डीसी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. किसी को भी सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
उन्होंने साफ किया कि इस तरह की गतिविधियों को अंजाम देने वाले तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा. डीसी ने ये भी कहा कि इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत दोषियों को दंडित किया जाएगा. वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने घटना की कड़ी निंदा की है.
दोषियों को चिह्नित कर कार्रवाई करे पुलिस
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना की कड़ी निंदा की है. अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर पुलिस से दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा है कि मट्टन में तोड़फोड़ की खबर से आहत और व्यथित हूं. डीसी अनंतनाग और एसएसपी से अनुरोध है कि वे तत्काल इस मामले को देखें.
Unacceptable. I strongly condemn this vandalism & urge the administration, especially police to identify the culprits so they can be prosecuted to the fullest extent of the law.
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah)
बता दें कि अनंतनाग के मट्टन स्थित कश्मीरी पंडितों की कुलदेवी के मंदिर में तोड़फोड़ की घटना ऐसे समय हुई है जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत भी जम्मू कश्मीर में हैं. मोहन भागवत तीन दिन के दौरे पर जम्मू कश्मीर पहुंचे हैं.