फरीदाबाद के खेड़ी पुल थाना क्षेत्र की टीटू कॉलोनी में 10वीं कक्षा के छात्र अर्जुन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया. अर्जुन का शव उसी के साथ पढ़ने वाली एक छात्रा के घर में फांसी के फंदे से लटका मिला. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में तनाव फैल गया. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और मामला बवाल में बदल गया. अर्जुन की मौत की खबर मिलने के बाद उसके परिजन और स्थानीय लोग छात्रा के घर पहुंच गए. परिजनों ने आरोप लगाया कि अर्जुन को घर बुलाकर पहले बेरहमी से पीटा गया और फिर फांसी पर लटकाकर उसकी हत्या कर दी गई. इन आरोपों के बाद लोगों का गुस्सा बढ़ गया और मौके पर जमकर हंगामा होने लगा.
मृतक के परिजनों का कहना है कि अर्जुन और छात्रा दोनों एक ही स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ते थे. हालांकि, किशोर की मौत किन परिस्थितियों में हुई और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसकी जांच की जा रही है. अर्जुन की मौत के बाद बढ़ते हंगामे के बीच स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब मौके पर पहुंची पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. जानकारी के मुताबिक, गुस्साए लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई और मारपीट की. मौके पर जो भी सामने आया, भीड़ ने उसके साथ मारपीट की.
हंगामे के दौरान पुलिस पर पथराव किए जाने की भी जानकारी सामने आई है. अचानक बिगड़े हालात के चलते मौके पर तनाव बढ़ गया. घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी राजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की. इस घटना में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, कितने पुलिसकर्मी घायल हुए और उन्हें किस तरह की चोटें आईं, इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है.
शव लेने पहुंची एंबुलेंस में तोड़फोड़
हंगामे के दौरान शव को लेने के लिए मौके पर पहुंची एंबुलेंस भी भीड़ के निशाने पर आ गई. गुस्साए लोगों ने एंबुलेंस में जमकर तोड़फोड़ की. हालात इतने बिगड़ गए कि एंबुलेंस चालक को अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा. एंबुलेंस चालक ने बताया कि वह अर्जुन का शव लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंचा था. इसी दौरान भीड़ ने उस पर हमला कर दिया और एंबुलेंस को भी नुकसान पहुंचाया. चालक के मुताबिक, अपनी जान बचाने के लिए उसे मौके से भागना पड़ा.
जिस एंबुलेंस को शव ले जाने के लिए बुलाया गया था, उसी में तोड़फोड़ किए जाने से घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. छात्र की मौत से पहले ही गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ा हुआ था. इसके बाद पुलिस टीम और एंबुलेंस चालक के साथ हुई मारपीट ने मामले को और गंभीर बना दिया.
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसीपी राजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ टीटू कॉलोनी पहुंचे. मौके की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की. इस दौरान भीड़ की ओर से पुलिस टीम के साथ मारपीट और एंबुलेंस में तोड़फोड़ किए जाने की घटना सामने आई. एसीपी राजीव कुमार ने बताया कि आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम के साथ मारपीट की और एंबुलेंस में तोड़फोड़ की. उन्होंने बताया कि मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
खेड़ी पुल थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद अब पुलिस के सामने अर्जुन की मौत की परिस्थितियों का पता लगाने की चुनौती है. मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अर्जुन को छात्रा के घर बुलाकर उसके साथ मारपीट की गई और फिर फांसी पर लटकाकर उसकी हत्या कर दी गई. वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल, अर्जुन की मौत को लेकर परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है.
मौत के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाक्रम का पता जांच के बाद ही चल सकेगा. एसीपी राजीव कुमार के मुताबिक, मामले में साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एक छात्र की संदिग्ध मौत से शुरू हुआ यह मामला देखते ही देखते हिंसक हंगामे में बदल गया. पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट, एंबुलेंस में तोड़फोड़ और चालक को जान बचाकर भागने की घटना ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है. अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है, जिससे अर्जुन की मौत की सच्चाई सामने आ सके.