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VIDEO: पहले भूत-प्रेत और पिशाचों का सामना, फिर गणपति के दर्शन... सूरत का अनोखा गणेश पंडाल

सूरत के महिधरपुरा इलाके में इस बार गणेशोत्सव का एक अनोखा रंग देखने को मिल रहा है. यहां गणपति के दर्शन से पहले श्रद्धालुओं को भूत-प्रेत, पिशाच और डरावने किरदारों के बीच से गुजरना पड़ रहा है. तीन से चार परतों में तैयार यह हॉरर-मिस्ट्री थीम बच्चों और युवाओं के बीच खास आकर्षण बनी हुई है.

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डरावने रास्ते से गुजरकर पहुंच रहे श्रद्धालु.(Photo: Screengrab)
डरावने रास्ते से गुजरकर पहुंच रहे श्रद्धालु.(Photo: Screengrab)

देशभर में गणेशोत्सव की धूम के बीच गुजरात के सूरत में एक अनोखा गणेश पंडाल लोगों का ध्यान खींच रहा है. महिधरपुरा इलाके में तैयार किए गए इस पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन से पहले श्रद्धालुओं को डर और रोमांच से भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है.

आमतौर पर गणेश पंडालों में धार्मिक और पौराणिक झांकियां देखने को मिलती हैं, लेकिन यहां आयोजकों ने कुछ अलग प्रयोग किया है. पंडाल में प्रवेश करते ही भक्तों का सामना भूत-प्रेत, पिशाच और डरावने किरदारों से होता है. अलग-अलग दृश्य इस तरह सजाए गए हैं कि कुछ देर के लिए ऐसा लगता है जैसे कोई डरावनी फिल्म चल रही हो.

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तीन-चार परतों में तैयार किया गया डर का संसार

यह पूरा पंडाल तीन से चार अलग-अलग परतों में बनाया गया है. श्रद्धालु जैसे-जैसे कतार में आगे बढ़ते हैं, उनके सामने एक के बाद एक डरावने दृश्य आते जाते हैं. कहीं भूत-प्रेत दिखाई देते हैं तो कहीं पिशाच और दूसरे डरावने किरदार लोगों को डराने की कोशिश करते नजर आते हैं.

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आयोजकों ने इस पूरे माहौल को लोगों के मनोरंजन और रोमांच को ध्यान में रखकर तैयार किया है. डरावने दृश्यों के बीच से निकलने के बाद श्रद्धालु मुख्य पंडाल तक पहुंचते हैं, जहां भगवान गणेश के दर्शन होते हैं. यानी इस अनोखे सफर की शुरुआत डर से होती है और अंत गणपति के दर्शन के साथ होता है.

देखें वीडियो...

पंडाल के बाहर गणपति के दर्शन के लिए लंबी कतारें भी दिखाई दे रही हैं. खासकर बच्चों में इस थीम को लेकर काफी उत्सुकता है. बड़ी संख्या में माता-पिता बच्चों को लेकर यहां पहुंच रहे हैं. बच्चे डरावने दृश्य देखकर रोमांचित भी हो रहे हैं और कई बार डरकर रो भी पड़ते हैं.

'बाहर नहीं जा सकते तो यहीं दुनिया दिखाएंगे'

पंडाल के आयोजक अनिल मोदी ने बताया कि उनकी थीम हॉरर और मिस्ट्री पर आधारित है. उन्होंने कहा कि विदेशों में इस तरह की थीम देखने को मिलती है. उनका मकसद उन लोगों को ऐसी दुनिया का अनुभव कराना है, जो बाहर जाकर इसे देखने में सक्षम नहीं हैं.

अनिल मोदी के मुताबिक, इस योजना पर करीब छह महीने से तैयारी चल रही थी. पिछले दो महीनों से पंडाल तैयार करने का काम किया जा रहा था. उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने खुद इसे तैयार किया है. 'मनोरंजन इवेंट' के यश भाई ने भी इस थीम को तैयार करने में काफी सहयोग किया है.

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हॉरर

आयोजक ने बताया कि पंडाल के अंदर उनके छह लड़के काम कर रहे हैं, जबकि बाहर करीब 10 से 12 लोग व्यवस्था संभाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिक्रियाएं भी दिलचस्प हैं. कुछ बच्चे डरकर रोने लगते हैं और कहते हैं कि आपने यह क्या बना दिया है.

डर के बाद गणपति के दर्शन

महिधरपुरा का यह गणेश पंडाल फिलहाल पूरे सूरत शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है. धार्मिक आस्था के साथ हॉरर और मिस्ट्री थीम का यह मेल लोगों को एक अलग अनुभव दे रहा है. भूत-प्रेत और पिशाचों से भरे रास्ते के बाद भगवान गणेश के दर्शन श्रद्धालुओं के इस सफर को खास बना रहे हैं.

गणेशोत्सव के दौरान जहां शहरभर में लोग गणपति की भक्ति में डूबे हैं, वहीं यह पंडाल बच्चों और युवाओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है. डरावने किरदारों और दृश्यों के बीच से निकलने का अनुभव लोगों को उत्साहित कर रहा है.

इस तरह महिधरपुरा के इस पंडाल में भक्ति के साथ रोमांच का भी अनोखा मेल देखने को मिल रहा है. गणपति के दर्शन तक पहुंचने वाला यह डरावना सफर इस बार सूरत के गणेशोत्सव की खास पहचान बन गया है.

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