नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई. ऊपरी त्रिशूली-1 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की एडिट 3 टनल के अंदर खोज और बचाव अभियान के दौरान शुक्रवार को 13 शव बरामद किए गए.
नेपाली सेना 21-22 दिनों से लगातार बचाव अभियान चला रही है. सेना और त्रिशूली-1 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की जॉइंट टीम लगातार टनल के अंदर खोज और बचाव अभियान चला रही है. इसी दौरान लोहे की छड़ों से बने जाल में फंसे शव मिले.
शुक्रवार दोपहर टनल के अंदर से 6 शव बरामद किए गए थे. इसके बाद तलाशी अभियान के दौरान नेपाली सेना ने 7 और शव निकाले. इस तरह, अब तक कुल 13 शव बरामद किए जा चुके हैं.
नेपाली सेना का कहना है कि टनल के अंदर फिलहाल खोज और बचाव अभियान जारी है. नेपाली सेना और जलविद्युत परियोजना की जॉइंट टीम ने बचाव अभियान और तेज कर दिया है. टीम ने लोडर और अन्य उपकरणों की मदद से पावर हाउस क्षेत्र में खुदाई कर खोजबीन की. हालांकि अब तक और कोई शव बरामद नहीं हुआ है.
यह भी पढ़ें: नेपाल: इस बार अनलकी... नहीं बच सके टनल में फंसे 6 लोग, स्टील की जाली में अटके थे
बुधवार को भी एक सुरंग से निकाले गए 5 शव
इससे पहले चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में बुधवार को एक सुरंग से पांच शव निकाले गए. भारतीय और नेपाली बचाव टीमों ने ज़मीन के नीचे बने पावरहाउस तक पहुंचने के लिए कीचड़ और मलबे को हटाया था. यहां कोई भी जीवित नहीं मिला.
इस बीच मकावानपुर ज़िला प्रशासन कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी संतोष सुबेदी के मुताबिक, हेटौडा को काठमांडू से जोड़ने वाले दो मुख्य रास्तों - त्रिभुवन और कांति हाईवे - पर शुक्रवार से दोनों तरफ़ गाड़ियों की आवाजाही फिर से शुरू हुई है.
26 अगस्त को नेपाल में आई थी बाढ़
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के एवलांच से आए फ्लैश फ्लड ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया. अब भी 1610 लोग लापता बताए जा रहे हैं. कई स्थानों पर अब भी बचाव अभियान जारी है.