प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संकल्प लिया कि वे अपनी आखिरी सांस तक भारत की जनता की सेवा करते रहेंगे. पीएम का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि उन्होंने ये बयान तब दिया है जब कुछ ही दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक कार्यक्रम में कहा था कि "मोदी का बाप भी जाएगा". इस बयान से राजनीतिक गलियारों में भारी हंगामा मच गया था.
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि जब देश किसी संकट का सामना कर रहा होता है, तो वे खुश होते हैं. साथ ही, उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच वे खाद और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर लोगों के बीच घबराहट फैला रहे हैं.
मोदी ने कहा कि किसान, युवा और महिलाएं एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि कुछ लोगों को देश की यह तरक्की रास नहीं आ रही है.
प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलडी कस्बे में 'भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर' का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने 14,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया और उनकी आधारशिला भी रखी.
जनसभा में मोदी ने कहा, "जीवन के अंतिम क्षण तक मैं जनता की सेवा में ही जुटा रहूंगा."
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इस मौके पर प्रधानमंत्री ने 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' योजना की 24वीं किस्त भी जारी की. इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है.
कुर्सी की जगह बिछाई चारपाई
भिलडी में आयोजित प्रधानमंत्री की रैली में आयोजकों ने दर्शकों के बैठने के लिए कुर्सियों की जगह 'चारपाइयां' बिछा दी थीं. मोदी ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह शायद अब तक का सबसे बड़ा 'चारपाई' आयोजन हो सकता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने बिना किसी का नाम लिए कहा, "कुछ लोग ऐसे हैं जो देश को मुसीबत में देखना चाहते हैं, उन्हें तब खुशी मिलती है जब देश किसी कठिन दौर से गुजर रहा होता है. जब भी देश पर कोई संकट आता है, तो उन्हें इसमें आनंद आता है."
खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि जहां पूरा देश युद्ध से पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए एकजुट है, वहीं कुछ लोग अफवाहें फैलाकर लोगों के बीच घबराहट पैदा कर रहे हैं.
PM मोदी ने आरोप लगाया, "उन्होंने किसानों के मन में यह डर पैदा किया कि खाद मिलना बंद हो जाएगा. उन्होंने जानबूझकर लंबी कतारें लगवाईं और लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना दिया."
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे उन्हें बदनाम करने के लिए पूरे देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की जा रही है कि फरवरी के अंत में शुरू हुए संघर्ष के कारण अब रसोई गैस नहीं मिलेगी. उन्होंने सभा में कहा, "उन्होंने महिलाओं को डराने की भी कोशिश की. वे दावा कर रहे थे कि अब खाना पकाने वाली गैस नहीं मिलेगी और पूछ रहे थे, 'आप खाना कैसे बनाएंगी? आपके बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे?' उनका मकसद पूरे देश में अफरा-तफरी फैलाना था, ताकि मोदी को बदनाम किया जा सके."
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "मैंने वादा किया था कि मोदी हमेशा आपके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे. और देखिए भले ही संघर्ष चल रहा है, लेकिन मोदी ने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे किसानों के लिए खाद की कोई कमी न हो."
किसानों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि युद्ध के कारण दुनिया भर में खाद की कीमतें और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की लागत काफी बढ़ गई है, लेकिन सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इसका अतिरिक्त बोझ किसानों पर न पड़े.
उन्होंने कहा, "दुनिया भर में यूरिया के एक बोरे की कीमत 3,000 रुपये तक है, फिर भी भारतीय किसानों को यह 300 रुपये से भी कम कीमत पर मिल रहा है. सरकार ने यह पूरा बोझ खुद उठा लिया, ताकि किसानों तक यह बोरा सिर्फ 300 रुपये में पहुंच सके."
उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह, जहां दुनिया भर में DAP खाद के एक बोरे की कीमत 5,000 रुपये के पार चली गई थी, वहीं भारतीय किसानों को यह 1,350 रुपये में मिल रही है.