दिवाली का त्योहार खुशियों, रोशनी और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इस मौके पर लोग घर की साफ-सफाई करने के साथ ही उसे दीपों, रंगोली और फूलों से सजाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है. वहीं, वास्तु शास्त्र में भी धनतेरस से लेकर भाई दूज तक कुछ खास बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है.
इस साल दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी. इसी दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाएगी. दिवाली से पहले धनतेरस, छोटी दिवाली और अन्य पर्वों की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. ऐसे में अगर आप भी चाहते हैं कि त्योहार के दौरान घर का माहौल सकारात्मक और खुशनुमा बना रहे, तो इन वास्तु टिप्स को अपना सकते हैं.
धनतेरस पर इन वास्तु नियमों का रखें ध्यान
धनतेरस से दीपावली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत होती है. इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर के मुख्य द्वार को साफ रखना और उसे फूलों या तोरण से सजाना शुभ माना जाता है.
धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन या अन्य उपयोगी चीजें खरीदने की परंपरा है. खरीदारी के बाद सामान को साफ जगह पर रखें. घर में रखी तिजोरी और धन रखने वाले स्थान को भी व्यवस्थित करें. मान्यता है कि इससे घर में समृद्धि का वातावरण बनता है.
छोटी दिवाली पर घर के कोनों की करें सफाई
छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर घर की सफाई का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन घर के कोनों, खिड़कियों और दरवाजों के आसपास जमा धूल-मिट्टी हटाएं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर का उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए.
शाम के समय घर में दीपक जलाएं. मुख्य द्वार पर रंगोली बनाना भी शुभ माना जाता है. कोशिश करें कि घर में अनावश्यक सामान और कबाड़ जमा न रहे. इससे त्योहार के दौरान घर साफ-सुथरा और सुंदर दिखाई देगा.
दिवाली पर कहां करें मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा?
दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है. पूजा स्थल को पहले अच्छी तरह साफ कर लें. इसके बाद वहां देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित करें और दीपक, फूल, मिठाई व अन्य पूजन सामग्री तैयार रखें.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा स्थल होना शुभ माना जाता है. हालांकि, पूजा की व्यवस्था करते समय घर में उपलब्ध जगह और अपनी पारिवारिक परंपराओं का भी ध्यान रखें. शाम को पूजा के बाद घर के मुख्य द्वार, खिड़कियों और बालकनी में दीपक जलाकर रोशनी करें.
धन रखने वाली अलमारी या तिजोरी को भी व्यवस्थित रखें. घर में साफ-सफाई और पर्याप्त रोशनी का ध्यान रखना त्योहार की तैयारियों को और बेहतर बना सकता है.
गोवर्धन पूजा पर रसोई और अन्न का रखें ध्यान
दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा मनाई जाती है. इस दिन भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की परंपरा है. कई घरों में अन्नकूट तैयार करके भगवान को भोग लगाया जाता है.
वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, इस दिन रसोई की सफाई करें, अनाज व खाद्य सामग्री को व्यवस्थित रखें. भोजन तैयार करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान दें. घर में तुलसी समेत अन्य पौधे हैं, तो उनकी देखभाल भी करें.
भाई दूज पर घर में बनाए रखें सकारात्मक माहौल
भाई दूज दीपावली पर्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. परिवार के लोग एक साथ समय बिताते हैं और खुशियां साझा करते हैं.
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर को साफ-सुथरा रखना और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेमपूर्ण माहौल बनाए रखना महत्वपूर्ण है. इस दिन घर की सजावट को व्यवस्थित रखें और पूजा के स्थान को साफ करें. भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, सम्मान और विश्वास बनाए रखना ही इस त्योहार का मुख्य संदेश है.
दिवाली पर इन बातों का भी रखें ध्यान
दिवाली के दौरान घर की सजावट करते समय कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखना जरूरी है. घर में टूटे-फूटे और बेकार सामान को हटाएं. पूजा स्थल को साफ रखें और दीपक ऐसी जगह जलाएं, जहां आग लगने का खतरा न हो. बिजली की झालरों और अन्य सजावटी लाइटों के तारों की भी जांच कर लें.