अहमदाबाद की निरमा यूनिवर्सिटी में एक छात्र का कॉलर पकड़ने का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर एचके पटेल द्वारा छात्र का कॉलर पकड़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वीडियो सामने आने के बाद छात्र संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है. अब ABVP और NSUI दोनों ने इस मामले को लेकर यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रदर्शन किया है. मामले में यूनिवर्सिटी ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी गठित की है. यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. आरएन पटेल के मुताबिक कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. इसके बाद कमेटी की सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
वीडियो वायरल होने के बाद ABVP के कार्यकर्ता भी निरमा यूनिवर्सिटी पहुंचे. कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए छात्र का कॉलर पकड़ने वाले EC विभाग के HOD और प्रोफेसर एचके पटेल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. ABVP का कहना है कि छात्र को सबके सामने अपमानित किया गया. संगठन ने प्रोफेसर के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिस तरह स्टेज पर छात्र का कॉलर पकड़ा गया, उसका छात्र पर मानसिक असर पड़ सकता है.
NSUI के कार्यकर्ता भी पहुंचे यूनिवर्सिटी किया प्रदर्शन
मामले को लेकर NSUI के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में निरमा यूनिवर्सिटी पहुंचे. कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर और पोस्टर थे. NSUI ने प्रोफेसर एचके पटेल को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की. हालांकि पुलिस ने NSUI कार्यकर्ताओं को यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर जाने से रोक दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्य गेट के बाहर ही विरोध करने लगे.
NSUI कार्यकर्ताओं ने विरोध का अलग तरीका भी अपनाया. एक स्टूडेंट के चेहरे पर काला कपड़ा बांधा गया और उसके गले में रस्सी लपेटकर पूरे मामले का विरोध किया गया. इस दौरान प्रोफेसर एचके पटेल के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. NSUI कार्यकर्ताओं का आवेदन लेने और उनकी बात सुनने के लिए निरमा यूनिवर्सिटी का एक प्रतिनिधि खुद मुख्य गेट पर पहुंचा. हालांकि प्रदर्शनकारियों को कैंपस के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया. विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र होता देख पुलिस ने करीब 30 NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. NSUI ने प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
क्या था पूरा मामला
दरअसल यह पूरा विवाद पिछले हफ्ते निरमा यूनिवर्सिटी में आयोजित टेक्नोफोरा कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ था. यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग के छात्रों की ओर से आयोजित किया गया था. कार्यक्रम में कॉमेडी और स्टैंड-अप शो भी रखा गया था. इस दौरान स्टैंड-अप कॉमेडियन रजत सूद का शो हुआ था. कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने फिल्म गोलमाल-3 से जुड़ा एक डायलॉग बोल दिया. जिसमें उसने कहा था कि ए जल्दी कर, पनवेल निकलना है. इस कमेंट के बाद प्रोफेसर की प्रतिक्रिया सामने आई और छात्र को स्टेज पर बुलाया गया. इसके बाद छात्र का कॉलर पकड़कर उसे धमकी दी गई.
इतना ही नहीं वीडियो में प्रोफेसर की ओर से छात्र को जवाब देते हुए तो निकल ले भाई कहते हुए सुना जा सकता है. इसके बाद प्रोफेसर ने छात्र को मंच पर बुलाया. छात्र जैसे ही मंच पर पहुंचा, प्रोफेसर ने उसका कॉलर पकड़ लिया. वायरल वीडियो में प्रोफेसर छात्र से उसके व्यवहार को लेकर सवाल करते और उसे चेतावनी देते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में वह छात्र को यूनिवर्सिटी के किसी भी फैकल्टी सदस्य का अपमान नहीं करने की बात कहते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते सुनाई देते हैं. घटना के दौरान कार्यक्रम में मौजूद अन्य छात्रों ने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया. यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और विवाद बढ़ गया.
प्रोफेसर और छात्र ने मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी की ओर से बताया गया कि प्रोफेसर और छात्र दोनों ने एक-दूसरे से माफी मांगी है. इसके बावजूद वायरल वीडियो और छात्र संगठनों के विरोध को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने जांच का फैसला किया है. यूनिवर्सिटी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है. कमेटी इस घटना से जुड़े पूरे मामले की जांच करेगी और रिपोर्ट सौंपेगी. इसके बाद आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और कमेटी की सिफारिश के आधार पर तय की जाएगी.
एक तरफ यूनिवर्सिटी ने जांच कमेटी बना दी है और प्रोफेसर तथा छात्र के बीच माफी की बात सामने आई है. दूसरी तरफ ABVP और NSUI के प्रदर्शन ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है. NSUI ने प्रोफेसर एचके पटेल को सस्पेंड करने की मांग की है. संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच और छात्र की बात सुने जाने की मांग भी की है. वहीं ABVP ने भी प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है. फिलहाल पूरा मामला यूनिवर्सिटी की तीन सदस्यीय जांच कमेटी के पास है. वायरल वीडियो, कार्यक्रम के दौरान हुई घटना और उसके बाद सामने आए विरोध के बीच अब कमेटी की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी.