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गरबा, ग्लैमरस लुक और IV ड्रिप! अहमदाबाद में नवरात्र के दौरान दिख रहा नया ट्रेंड

नवरात्र के दौरान गरबा करने वालों के बीच अहमदाबाद में IV ड्रिप और स्किन बूस्टर ट्रीटमेंट चर्चा में हैं. कुछ युवा व्रत के दौरान हाइड्रेशन की जरूरत के लिए IV ड्रिप ले रहे हैं, जबकि कुछ लोग त्वचा का निखार बढ़ाने के लिए माइक्रोनीडलिंग ट्रीटमेंट करा रहे हैं.

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अहमदाबाद में इस बार गरबा के बीच IV ड्रिप और स्किन बूस्टर ट्रीटमेंट चर्चा में हैं. (Photo-ITG)
अहमदाबाद में इस बार गरबा के बीच IV ड्रिप और स्किन बूस्टर ट्रीटमेंट चर्चा में हैं. (Photo-ITG)

गुजरात में नवरात्र के दौरान गरबा की धूम है. नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में लोग खास कपड़े, मेकअप, जूलरी और स्टाइलिंग के साथ गरबा खेलने पहुंचते हैं. लेकिन अहमदाबाद में इस बार गरबा की तैयारियों के बीच IV ड्रिप और स्किन बूस्टर ट्रीटमेंट भी चर्चा में हैं.

दरअसल, कुछ युवा व्रत के दौरान ठीक से खाना नहीं खा पाने और हाइड्रेशन की जरूरत के चलते IV ड्रिप ले रहे हैं. वहीं, कुछ लोग स्किन का निखार बढ़ाने के लिए स्किन बूस्टर ट्रीटमेंट करा रहे हैं. उनका मकसद लंबे समय तक गरबा करने के बाद भी तरोताजा दिखना है.

व्रत के बीच IV ड्रिप ले रहे युवा

नवरात्र में कई लोग व्रत रखते हैं और देर रात तक गरबा करते हैं. एक युवती ने बताया कि व्रत के दौरान ठीक से खाना और हाइड्रेशन नहीं हो पाने के कारण वह IV ड्रिप ले रही हैं. एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. अर्पिता मानेक राजगुरु ने बताया कि, उनके पास हर उम्र के लोग आ रहे हैं. IV ड्रिप देने से पहले व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री देखी जाती है. किसे कितनी मात्रा की जरूरत है, यह उसके पोषण और स्वास्थ्य की स्थिति के आधार पर तय किया जाता है.

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डॉ. अर्पिता  ने बताया कि IV ड्रिप हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं होती. केवल गरबा करने या थकान से बचने के लिए इसे लेना सही नहीं है. इसकी जरूरत और मात्रा का फैसला डॉक्टर की सलाह के आधार पर होना चाहिए.

स्किन ग्लो के लिए माइक्रोनीडलिंग ट्रीटमेंट

अहमदाबाद में IV ड्रिप के अलावा स्किन बूस्टर ट्रीटमेंट भी कराया जा रहा है. डॉ. अर्पिता ने बताया कि इसके लिए माइक्रोनीडलिंग डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे डॉ. पेन कहा जाता है. इस डिवाइस की मदद से त्वचा पर बहुत छोटे-छोटे छेद किए जाते हैं. इससे त्वचा में कोलेजन बनने की प्रक्रिया को बढ़ावा देने और कसाव लाने में मदद मिल सकती है. इसके साथ स्किन बूस्टर को त्वचा के अंदर पहुंचाया जाता है.

डॉ. अर्पिता के अनुसार, इस प्रक्रिया में करीब 45 मिनट लगते हैं. ट्रीटमेंट से पहले त्वचा को सुन्न किया जाता है, ताकि प्रक्रिया के दौरान होने वाली परेशानी को कम किया जा सके.

डॉ. अर्पिता ने बताया कि स्किन बूस्टर में मल्टीविटामिन, पेप्टाइड्स, कॉपर पेप्टाइड्स, अमीनो एसिड और हायलूरोनिक एसिड जैसे तत्व शामिल होते हैं. उनके मुताबिक, ये तत्व त्वचा को हाइड्रेशन देने और उसके निखार में मदद कर सकते हैं.

ट्रीटमेंट कराने वाली एक महिला ने बताया कि उन्हें पिछले चार-पांच साल से हाइपरपिगमेंटेशन यानी स्किन पर गहरे धब्बों की समस्या थी. छह सेशन कराने के बाद उनकी समस्या में करीब 70 फीसदी तक कमी आई है. 

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गरबा के साथ सेहत का ध्यान भी जरूरी

एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. अर्पिता मानेक राजगुरु ने कहा कि नवरात्र में गरबा कई घंटे तक चलता है. ऐसे में पर्याप्त पानी पीना, शरीर की थकान को समझना और जरूरत के मुताबिक आराम करना जरूरी है. व्रत रखने वालों को भी अपनी सेहत और खानपान का ध्यान रखना चाहिए.

IV ड्रिप और स्किन बूस्टर जैसे ट्रीटमेंट को केवल ट्रेंड देखकर नहीं अपनाना चाहिए. इनके फायदे और जोखिम हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से अलग हो सकते हैं. इसलिए कोई भी ट्रीटमेंट कराने से पहले योग्य डॉक्टर या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है.

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