प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं. उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं."
राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को दिल्ली के होली फैमिली हॉस्पिटल में हुआ था. वे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी की सबसे बड़ी संतान हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई दी है और संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और समाज के वंचित वर्गों के लिए उनकी वकालत की तारीफ की है.
'आदर्शों के प्रति अटूट समर्पण'
सोशल मीडिया पोस्ट में खड़गे ने कहा, "राहुल गांधी का संविधान के आदर्शों के प्रति अटूट समर्पण और अनसुनी आवाज़ों के लिए आपकी बिना किसी समझौते वाली लड़ाई ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है. कांग्रेस पार्टी की सबको साथ लेकर चलने, सामाजिक न्याय, सद्भाव और करुणा की परंपराएं राहुल गांधी के सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व में झलकती हैं."
'मोहब्बत की दुकान के लिए...'
कांग्रेस पार्टी ने भी अपने लीडर राहुल गांधी को जन्मदिन पर बधाई संदेश भेजा है. कांग्रेस के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर किए पोस्ट में लिखा गया, "ऐसी दुनिया में जहां ज़्यादातर लोग चुप रहना पसंद करते हैं, आपने हमेशा उस बात के लिए आवाज़ उठाई है, जिसे आप सही मानते हैं. अन्याय, असमानता और सत्ता के दुरुपयोग के ख़िलाफ़ आपकी लगातार लड़ाई ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है. आप लोगों को यह विश्वास दिलाते हैं कि राजनीति सिर्फ़ सत्ता पाने की बेरहम होड़ नहीं है, बल्कि यह बदलाव लाने का एक सशक्त जरिया है, जो उसूलों और संवेदनाओं पर आधारित हो सकती है."
कांग्रेस ने आगे कहा कि ईमानदारी, सहानुभूति और उम्मीद की तलाश कर रही पूरी पीढ़ी के लिए, आप 'जेन ज़ी' (Gen Z) की आवाज़ बन गए हैं, एक ऐसे नेता जो उनकी बातें सुनते हैं, उन्हें समझते हैं, उन्हें सशक्त बनाते हैं और उनकी उम्मीदों के लिए आवाज़ उठाते हैं. एक ज़्यादा दयालु और निष्पक्ष भारत के लिए और हर दिल में 'मोहब्बत की दुकान' के लिए, हम आपके लिए हमेशा शक्ति और खुशियों की कामना करते हैं."
अपने जन्मदिन से ठीक पहले राहुल गांधी ने गुरुवार (18 जून) को देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों, जैसे पेपर लीक और ज़्यादा फ़ीस, को ज़ोर-शोर से उठाने के लिए एक सिग्नेचर कैंपेन शुरू किया. उन्होंने कहा कि यह छात्रों के लिए सरकार के सामने सीधे अपनी मांगें रखने का एक मंच है.