दिल्ली में लगातार हो रहे धरने-प्रदर्शनों और मेट्रो सेवाओं में रुकावट को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है. त्योहारों के सीजन से पहले बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने का हवाला देते हुए चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने केंद्र सरकार से बड़े प्रदर्शनों के लिए नई गाइडलाइंस बनाने की मांग की है.
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने नवरात्रि से दिवाली तक दिल्ली के प्रमुख बाजारों और व्यस्त इलाकों में बड़े धरने-प्रदर्शनों पर रोक लगाने की अपील की है. संगठन का कहना है कि प्रदर्शनों, ट्रैफिक जाम और मेट्रो स्टेशनों के बंद होने से ग्राहकों को बाजारों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है.
नवरात्रि से दिवाली तक रोक लगाने की मांग
CTI का कहना है कि, 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि और रामलीलाओं का आयोजन शुरू होना है. इसके बाद दिवाली तक त्योहारों का सिलसिला जारी रहेगा. यह दिल्ली के व्यापारियों के लिए साल का अहम कारोबारी समय है. त्योहारी सीजन में कपड़े, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान की खरीदारी बढ़ जाती है. दिल्ली के बाजारों में स्थानीय ग्राहकों के अलावा आसपास के शहरों और दूसरे राज्यों से भी लोग खरीदारी के लिए आते हैं.
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CTI का कहना है कि प्रमुख बाजारों के आसपास प्रदर्शन, ट्रैफिक जाम और मेट्रो सेवाओं में रुकावट जारी रही तो व्यापार पर असर पड़ सकता है. इसी वजह से संगठन ने नवरात्रि से दिवाली तक जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और लुटियंस दिल्ली जैसे इलाकों में बड़े प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की है.
तीन दिन में कारोबार 70% घटने का दावा
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल और संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों में दिल्ली के बाजारों में कारोबार सामान्य स्तर के मुकाबले घटकर करीब 30% रह गया है. यानी संगठन ने कारोबार में लगभग 70% गिरावट का दावा किया है.
CTI महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा का कहना है कि दिल्ली के बाहर से रोज खरीदारी के लिए आने वाले 2 से 3 लाख लोगों की संख्या घटकर 40 से 50 हजार रह गई है. संगठन ने यह भी दावा किया कि दिल्ली के स्थानीय ग्राहकों की बाजारों में आवाजाही में 50% से ज्यादा गिरावट आई है. CTI का कहना है कि मेट्रो स्टेशनों के बार-बार बंद होने और जंतर-मंतर, संसद मार्ग व कनॉट प्लेस के आसपास ट्रैफिक जाम से ग्राहकों को परेशानी हो रही है.
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1000 से ज्यादा लोगों के प्रदर्शन पर सीमा तय करने का प्रस्ताव
CTI ने बड़े धरने-प्रदर्शनों के लिए लोगों की संख्या की सीमा तय करने की मांग भी की है. संगठन चाहता है कि जंतर-मंतर और प्रमुख सरकारी व व्यावसायिक इलाकों में 1000 से अधिक लोगों के प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए. इसके अलावा CTI ने बाहरी दिल्ली में स्थायी प्रोटेस्ट जोन बनाने का प्रस्ताव दिया है. संगठन ने बुराड़ी या रामलीला मैदान जैसी जगह पर प्रदर्शन के लिए स्थायी स्थान तय करने की मांग की है.
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि संगठन लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करता है. हालांकि, उनका कहना है कि त्योहारों से ठीक पहले दिल्ली के प्रमुख इलाकों में बड़े प्रदर्शनों से व्यापारियों को नुकसान हो सकता है.
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CTI ने कहा कि, दिल्ली में करीब 15 लाख व्यापारियों के त्योहारी कारोबार पर इसका असर पड़ सकता है. संगठन ने सरकार से अपील की है कि त्योहारों के दौरान बाजारों तक लोगों की पहुंच आसान बनाए रखने के लिए प्रदर्शन से जुड़ी स्पष्ट गाइडलाइंस बनाई जाएं. फिलहाल CTI ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपनी मांगें रखी हैं.