कनॉट प्लेस (Connaught Place) नई दिल्ली का सबसे प्रमुख व्यावसायिक और व्यापारिक क्षेत्र है. यह दिल्ली के मध्य भाग में स्थित है और लंबे समय से राजधानी की आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है. इस इलाके का निर्माण ब्रिटिश शासन के दौरान नई दिल्ली के विकास की योजना के तहत किया गया था. इसका नाम ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य प्रिंस आर्थर, ड्यूक ऑफ कनॉट के नाम पर रखा गया था. वर्ष 2013 में इसका आधिकारिक नाम बदलकर राजीव चौक कर दिया गया, जो भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की स्मृति में रखा गया.
नई दिल्ली को ब्रिटिश भारत की नई राजधानी बनाने की योजना के दौरान एक केंद्रीय व्यापारिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया. इस योजना की शुरुआती रूपरेखा सरकारी वास्तुकार डब्ल्यू.एच. निकोल्स ने तैयार की थी. बाद में उनके भारत छोड़ने के बाद इस परियोजना का काम लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य वास्तुकार रॉबर्ट टॉर रसेल ने संभाला. कनॉट प्लेस का निर्माण कार्य वर्ष 1929 में शुरू हुआ और नई दिल्ली के प्रमुख सरकारी भवनों के निर्माण के साथ यह क्षेत्र भी विकसित हुआ.
कनॉट प्लेस की वास्तुकला जॉर्जियन शैली पर आधारित है. इसका डिजाइन इंग्लैंड के शहर बाथ स्थित रॉयल क्रिसेंट से प्रेरित माना जाता है. पूरे परिसर को गोलाकार स्वरूप में विकसित किया गया, जिसमें इनर सर्कल, मिडिल सर्कल और आउटर सर्कल शामिल हैं. इन सर्कलों को जोड़ने वाली कई रेडियल सड़कें केंद्रीय पार्क की ओर जाती हैं. शुरुआत में यहां दो मंजिला इमारतों की योजना बनाई गई थी, जिसमें निचली मंजिल पर व्यावसायिक प्रतिष्ठान और ऊपरी मंजिल पर आवासीय स्थान बनाए गए.
आज कनॉट प्लेस में देश और विदेश के कई ब्रांडों के शोरूम, रेस्तरां, कैफे, पुस्तक दुकानें, बैंक, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक संस्थान मौजूद हैं. यह क्षेत्र दिल्ली मेट्रो के सबसे व्यस्त इंटरचेंज स्टेशनों में से एक, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन, से जुड़ा हुआ है, जिससे यहां पहुंचना आसान है.
कनॉट प्लेस बनने से पहले यह इलाका किकर के पेड़ों से घिरा हुआ एक जंगल था. उस समय कश्मीरी गेट और सिविल लाइंस के लोग सप्ताहांत में यहां शिकार के लिए आते थे. पुराने दिल्ली क्षेत्र के लोग मंगलवार और शनिवार को पास स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के दर्शन के लिए भी इसी रास्ते से गुजरते थे. बाद में कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों के निर्माण के लिए माधोगंज, जयसिंहपुरा और राजा का बाजार जैसे गांवों को हटाया गया और वहां रहने वाले लोगों को करोल बाग क्षेत्र में बसाया गया.
CJP Tiranga Yatra Live Updates: दिल्ली में तिरंगा मार्च को लेकर प्रदर्शन जारी है. अभिजीत दिपके और नेहा बोरा समेत अब तक 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है.
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है. उन्हें 16 अक्टूबर की शाम दिल्ली में तिरंगा मार्च से पहले एहतियातन हिरासत में लिया गया था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हिरासत से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नेहा को रिलीज कर दिया गया है.
तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिए गए CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के ठिकाने को लेकर पार्टी ने सवाल उठाए हैं. वहीं दिल्ली पुलिस ने उन्हें शांति भंग करने के आरोप में प्रिवेंटिव अरेस्ट किया है. दिपके को अब विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा.
कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी की ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा ने प्रदर्शन के अधिकार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन पर बहस छेड़ दी. पार्टी ने अपने दो नेताओं को तिहाड़ जेल भेजे जाने के विरोध में यात्रा का आह्वान किया था. प्रशासन ने सेंट्रल पार्क बंद किया और भीड़ जुटने पर रोक लगाई.
अपना काम रहे एक रिपोर्टर को भीड़ ने घेर लिया. खूब चिल्लाया उस पर. सीनियर संपादकों ने इसकी निंदा की है. मैंने ऐसा नहीं किया, और इसकी वजह यह है.
दिल्ली के कनॉट प्लेस में अभिजीत दिपके की तिरंगा यात्रा को लेकर दिनभर हलचल रही. पुलिस ने दिपके और छात्र नेता नेहा बोरा को हिरासत में लिया. AISA ने दोनों से मिलने नहीं देने का आरोप लगाया. वहीं, प्रदर्शन के विरोध में कारोबारी भी जुटे. इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई.
कॉकरोच जनता पार्टी कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने की जिद पर अड़ी रही. दिल्ली पुलिस और केन्द्रीय बल मुस्तैदी से डटे रहे. पुलिस ने CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया. इसके बाद CJP को अपना 'प्लान-बी' लॉन्च कर दिया. जिसमें पांच से कम लोगों के छोटे समूहों में निकलकर तिरंगे के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड करने की अपील की. सवाल है CJP की ये सिर्फ तिरंगा फहराने की जिद है या कोई और मकसद? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शुक्रवार को तिरंगा फहराने की बात अभिजित दिपके ने की थी, लेकिन उन्हें हिरासत में ले लिया गया. वो CP नहीं पहुंच पाए. पिछले 6 दिनों में दूसरी बार दिपके को पुलिस ने हिरासत में लिया. हांलाकि कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के आसपास काफी भीड़ जुटी, जिसमें CJP समर्थक और विरोधी दोनों थे. देखें खबरदार.
दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च के दौरान पुलिस ने अभिजीत दिपके और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. कनॉट प्लेस में विरोध प्रदर्शनों के कारण त्योहारी सीजन में स्थानीय व्यापारियों का नुकसान हो रहा है, जिससे वे चिंतित हैं.
कनॉट प्लेस में तिरंग लहराने जा रहे अभिजीत दिपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. दिपके को घर से निकलते ही पुलिस ने निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में ले लिया. इससे पहले दिल्ली पुलिस दिपके को दो नोटिस दे चुकी थी. एक नोटिस दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत दिया गया जिसमें लॉ एंड ऑर्डर को लेकर पुलिस के अधिकारों की जानकारी दी गई. दूसरे नोटिस में दिपके को मजिस्टेट कोर्ट में भरे गए श्योरिटी बॉन्ड की शर्तें याद दिलाई गईं. देखें दंगल.
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क के आसपास आज उस वक्त गहमागहमी बढ़ गई जब कई छात्र संगठनों के प्रदर्शनकारी वहां एकत्र होने लगे. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए दिल्ली पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और लाउडस्पीकर से घोषणा करके सड़क को खाली कराया. पुलिस का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाना था ताकि आम जनता और स्थानीय दुकानदारों को असुविधा न हो. ट्रेडर्स एसोसिएशन ने भी शिकायत की थी कि लगातार होने वाले विरोध प्रदर्शनों से उनका कारोबार ठप पड़ रहा.
दिल्ली के मंडी हाउस में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया है. अभिजित दिपके की हिरासत की खबर मिलने के बाद नेहा बोरा ने अपने समर्थकों को मंडी हाउस के पास इकट्ठा होने का आह्वान किया था. जैसे ही वह अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुँचीं, पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया. इस घटना के बाद मंडी हाउस से लेकर कनॉट प्लेस और बाराखंभा रोड तक के पूरे इलाके को पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के तहत छावनी में तब्दील कर दिया है.
CJP Tiranga March: क्या आप जानते हैं जिस सेंट्रल पार्क तक सीजेपी तिरंगा मार्च निकाल रही है, वहां कई साल पहले सिर्फ जंगल था. तो जानते हैं इसके बनने की क्या कहानी है.
दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर CJP के प्रमुख अभिजीत दिपके को लीगल नोटिस दिया है. वीडियो में जानिए दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 29 क्या है, इसके तहत पुलिस को कौन-कौन से अधिकार मिलते हैं और प्रदर्शन के मामले में यह कैसे लागू होती है.
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में कांग्रेस जनता पार्टी (CJP) द्वारा तिरंगा रैली और प्रदर्शन के आह्वान के बाद दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है. पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि इस कार्यक्रम के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है और पूरे इलाके में धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
दिल्ली के कनॉट प्लेस में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और मार्च की वजह से स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शनकारियों तथा राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे कनॉट प्लेस को अपना प्रदर्शन स्थल न बनाएं. व्यापारियों का कहना है कि त्यौहारों के इस सीजन में उनका कारोबार 80 से 90 प्रतिशत तक घट गया है और केवल 10 से 15 प्रतिशत ही बिक्री हो पा रही है.
दिल्ली में जंतर-मंतर को नियमित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने की मांग तेज हो गई है. कनॉट प्लेस, पालिका बाजार, जनपथ और खान मार्केट के व्यापारी संगठनों ने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर सुरक्षा और कारोबार पर असर का मुद्दा उठाया है. खान मार्केट एसोसिएशन और किराना कमेटी ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. व्यापारियों ने प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान या बुराड़ी में वैकल्पिक जगह तय करने की मांग की है.
दिल्ली में तिरंगा मार्च से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ाई है. वहीं, महिला कार्यकर्ताओं से कथित मारपीट के मामले में एफआईआर की मांग कर रहे एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई सदस्यों को हिरासत में लिए जाने की खबर है. दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तिरंगा मार्च निकालने का ऐलान किया है.
कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन के चलते दोपहर 3 बजे से कई सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने संसद मार्ग, जनपथ, मिंटो रोड, बाराखंभा रोड और मंडी हाउस समेत कई इलाकों के लिए एडवाइजरी जारी की है.
CJP नेता अभिजीत दिपके ने दावा किया कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं. IB के लोग उनके घर की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने आशंका जताई कि दिल्ली पुलिस उन्हें शुक्रवार सुबह हिरासत में ले सकती है. CJP ने आज 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च का ऐलान किया है.
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं और खुफिया ब्यूरो के कर्मचारी उनके घर की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने आशंका जताई कि दिल्ली पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है. यह बयान शुक्रवार को प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले आया है. पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और चुनावी अनियमितताओं की जांच की मांग कर रही है.